भोपाल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ का भव्य शुभारंभ करते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एआई आज केवल तकनीक नहीं, बल्कि शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन विकसित भारत @2047 को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश एआई को मिशन मोड में अपनाने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार जल्द ही राज्य एआई नीति भी लेकर आएगी, जिससे सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में एआई का प्रभावी उपयोग किया जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक नवाचार भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों के साथ तकनीकी प्रगति को संतुलित करते हुए आगे बढ़ रहा है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

स्पेसटेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय व अनुसंधान सहयोग
कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन और शहरी नियोजन में अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोग
निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष इकोसिस्टम में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत Future Skills for AI Powered Bharat अभियान के तहत कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मोबाइल एआई कंप्यूटर लैब प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर छात्रों, शिक्षकों, आईटीआई और शासकीय अधिकारियों को एआई की बुनियादी जानकारी और कौशल प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा यंगोवेटर (Answer Foundation), CEEW, Google, NASSCOM, AISECT, BHASHINI सहित कुल 7 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन एमओयू का उद्देश्य-
शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और रोबोटिक्स को बढ़ावा
जलवायु परिवर्तन और सतत विकास में एआई आधारित समाधान
शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड टेक्नोलॉजी का उपयोग
एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कौशल विकास को गति देना
इसके साथ ही IndiaAI मिशन और मध्यप्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत प्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि एआई प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाकर निर्णय प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और नागरिक-केंद्रित बनाएगा। उन्होंने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस आगामी India AI Impact Summit-2026 से पहले देश में एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने बताया कि राज्य ने AI for People, Planet and Progress के सिद्धांत पर आधारित दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार स्तंभों पर कार्य किया जा रहा है-
अवसंरचना
डेटा
प्रतिभा
रणनीति
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि भारत के युवा आज दुनिया की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का AI Mission सात प्रमुख स्तंभों पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में एआई डेटा लैब्स, रिसर्च फेलोशिप और स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का शुभारंभ किया गया, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन और एमपी पेवेलियन के माध्यम से प्रदेश की एआई आधारित नवाचार पहलों को प्रदर्शित किया गया। कृषि, राजस्व, श्रम, मनरेगा और पुलिस विभाग में एआई के प्रयोग से डेटा-आधारित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख शासन का मॉडल प्रस्तुत किया गया।
‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्यप्रदेश एआई-तैयार राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नागरिक-केंद्रित शासन, नवाचार, कौशल विकास और जिम्मेदार एआई के साथ प्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प में अपनी सशक्त भूमिका निभाने के लिए तैयार है।