नई दिल्ली : दिवाली आने में महज कुछ दिन शेष है, इसे लेकर लोग लगातार तैयारियों में लगे हुए है। कोई अपने लिए कपड़े खरीद रहा है तो कोई अपने घरों को सजाने के लिए लड़ी। वहीं कई लोग घर आने का बांट जोह रहे है। जिससे वो अपनों के साथ खुशियां बांट सकें। लेकिन यहां खुशियां बांटने से पहले ही पूरे घर में मातम पसर गया।
क्योंकि मां जो अपने बच्चों के लिए किसी काम से घर से बाहर गई थी। जिसके पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए बाहर मजदूरी करने गये थे। उनके आने से पहले ही घर का तीनों चिराग उजड़ गया। आपको बता दें कि ये घटना राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बदनोर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां घर के बाहर बने पानी के टैंक में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों दर्दनाक मौत हो गई। इसमें दो भाई और एक बहन शामिल हैं। लक्ष्मीपुरा कोटडा गांव में हुए दर्दनाक हादसे से गांव में मातम पसरा है।
10 फीट गहरे पानी में डूबे बच्चे
बदनोर थाना प्रभारी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि लक्ष्मीपुरा कोटड़ा गांव के महेंद्र सिंह रावत के घर के बाहर पानी का टैंक बना हुआ था। महेंद्र सिंह मजदूरी के लिए गुजरात गया हुआ है और उसकी पत्नी काम से बाहर गई थी, तभी यह हादसा हुआ।
इस हादसे में महेंद्र सिंह रावत की 6 साल की बेटी सीमा, 4 साल के बेटे नरेंद्र और 2 साल के बेटे पंकज की मौत हो गई। खेल-खेल में यह तीनों भाई-बहन घर के बाहर बने 10 फीट गहरे पानी के टैंक में डूब गए.।
थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों मासूम बच्चों के शव पानी के टैंक से बाहर निकला कर आसींद राजकीय चिकित्सालय की मॉर्चुरी में रखवाकर आ गए हैं। इन बच्चों की मां हादसे से 2 घंटे पूर्व काम से बाहर गई थी और जब घर लौटी तो यह दर्दनाक हादसा देखने को मिला।