नई दिल्ली : कोरोना महामारी की दूसरी लहर भय से भयावह होती जा रही है। श्मशान घाट से लेकर नदी तक शवों से पटे पड़े है। चारों तरफ चिख पुकार की आवाज गूंज रही है। लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। अस्पताल की व्यवस्था चरमरा सी गई है। मांओं के गोद सूने हो रहे है। किसी का घर उजड़ रहा है, तो वहीं राजनीति कई पार्टियां इन मातमों पर भी अपनी रोटी सेंकने में लगे हुए है, तो कई चुप्पी साधे बैठे है।
इन सभी घटनाओं के बीच यूपी के नोएडा वेस्ट के एक गांव में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे गांव में दहशत का माहौल कायम कर दिया है। दरअसल नोएडा वेस्ट के जलालपुर गांव मे रहने वाले अतर सिंह अपने एक बेटे को मुखाग्नि देकर श्मशान से घर लौटे ही थे कि दूसरे बेटे दीपक ने भी दम तोड़ दिया। वो भी कोरोना से जंग लड़ रहा था। जवान बेटों का जनाजा देखने वाली मां पूरी तरह से टूट गई और लगातार बेहोश हो रही हैं।
पिता ने ख्वाब में भी नही सोचा होगा कि एक बेटे के चिता की आग ठंडी होने से पहले ही उन्हें दूसरे बेटे को भी कंधा देना होगा। लेकिन जो नहीं सोचा था, वहीं हुआ और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
जलालपुर गांव में ग्रामीणों ने बताया
जलालपुर गांव में ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 10 दिनों में गांव मे 6 महिलाओं समेत 18 लोगो की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक 28 अप्रैल को गांव में ये मौतों का सिलसिला शुरू हुआ था जो अब तक जारी है। इसी गांव में ऋषि नागर की भी अचानक मौत हुई थी और उसी दिन उनके बेटे का भी देहांत हो गया। हैरानी की बात यह है कि गांव में ज्यादातर लोगों की मौत घरों मे हुई है। गांव वालों के मुताबिक सभी को पहले बुखार आया और ऑक्सीजन लेवल घटता चला गया। लगातार गांव मे हो रही मौतों से गांव वाले दहशत में हैं।
शहर में सक्रमंण कम, गांवों में हाल बेहाल
देश में जारी कोरोना संकट के बीच लगातार शहरों में ग्राफ सुधर रहे है, लेकिन गांवों में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। शहरों में तो सिर्फ अस्पताल में बेड मिलना मुश्किल हो रहा था, गावों में तो अस्पताल का मिलना ही चुनौती है। लोग तड़प-तड़प कर जान दे रहे हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा। वैसे इस समय यूपी के शहरी इलाकों में कोरोना का संक्रमण कम होता दिख रहा है। राज्य में मामलों में कमी भी इसी वजह से देखने को मिल रही है। लेकिन अब कोरोना ने गांवो में दहशत फैलाना शुरू कर दिया है।
अब तो ऐसे हालात हो गए हैं कि लोग अब गांव और शहर ही नहीं बल्कि राज्य भी बदल रह रहे हैं।