नई दिल्ली : अफगानिस्तान पर तालिबान के एक तिहाई कब्जे के बाद पूरे अफगान में त्राहिमाम की स्थिति मची हुई है। जिससे अफगान के नागरिक दूसरे देशों में पलायन कर रहे है। वहीं तालिबान ने अन्य देशों को अफगानिस्तान के पेशवर और प्रशिक्षित लोगों को ले जाने से मना किया है। जिससे वे दूसरे देशों में न जा सकें। इसी बीच तालिबान ने खूंखार आतंकी मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर को अफगानिस्तान का अंतरिम रक्षा मंत्री नियुक्त कर दिया है। इस बात की जानकारी कतर के समाचार चैनल अल जजीरा न्यूज ने तालिबान सूत्रों के हवाले से दी है।
बता दें कि मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर तालिबान का कमांडर रह चुका है। वो तालिबान का संस्थापक मुल्ला उमर (Mullah Omar) का भी करीबी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना ने मुल्ला अब्दुल को 2001 में गिरफ्तार कर लिया था। उसे 2007 तक ग्वांतनामो बे में रखा गया था। बाद में उसे अफगानिस्तान सरकार को सौंप दिया गया था। आपको बता दें कि ग्वांटानामो खाड़ी अमेरिकी सेना की एक हाई सिक्योरिटी जेल है, जो क्यूबा में स्थित है। इस जेल में खूंखार और हाई प्रोफाइल आतंकियों को हिरासत में रखा जाता है।
गौरतलब है कि काबुल (Kabul) पर कब्जा किए तालिबान को करीब 10 दिन बीत गए हैं और उसने अब तक वहां अपनी सरकार का गठन नहीं किया है, लेकिन उसने कई अहम पदों पर तालिबानी नेताओं की नियुक्ति करनी शुरू कर दी है। हाजी मोहम्मद इदरिस (Haji Mohammad Idris) को अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक द अफगानिस्तान बैंक (DAB) का कार्यकारी प्रमुख नियुक्त कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद (Zabihullah Mujahid) ने भी इस बात की पुष्टी की है।
अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी पाझवोक (Pajhwok) ने बताया कि तालिबान ने गुल आगा (Gul Agha) को कार्यवाहक वित्त मंत्री और सदर इब्राहिम (Sadr Ibrahim) को कार्यवाहक आंतरिक मंत्री नियुक्त किया है।
आपको बता दें कि तालिबान के आते ही पहले की सरकारों से जुड़े कई सीनियर अधिकारी या तो अफगानिस्तान छोड़कर चले गए हैं या छिप गए हैं, ऐसे में अब तालिबान अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विशेषज्ञों को काम पर लौटने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है।