शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में निकाली गई रैली। जनप्रतिनिधियों को सौपा गया ज्ञापन
शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में निकाली गई रैली। जनप्रतिनिधियों को सौपा गया ज्ञापन
शिक्षकों ने कहा कि “गली से लेकर दिल्ली तक भाजपा की सरकार है, फिर भी अगर हमारी बात नहीं सुनी जाती है, तो हम दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे और लाखों शिक्षक मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।
दिल्ली पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने टीईटी अनिवार्यता को वापस लेने तथा इस मामले में प्रदेश के प्रभावित शिक्षकों की स्थिति अन्य राज्यों से भिन्न होने को लेकर विस्तार से बात रखते हुए कई सांसदों के मुलाकात की।
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर 20 से 25 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। एसोसिएशन द्वारा सांसदों को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि सरकार अध्यादेश लाकर 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से राहत प्रदान करें।
कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान चौपाल को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सवाल उठाया कि 2003 तक सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर तक ही क्यों सीमित रहा। उनका दावा है कि 55 वर्षों में जितना काम नहीं हुआ, उससे अधिक कार्य वर्तमान सरकार ने डेढ़ साल में कर दिखाया है।
संभाग आयुक्त ने शिक्षकों से विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली तथा ‘खेल-खेल में पढ़ना सीखो’ जैसी गतिविधियों के बारे में पूछा। छात्र-छात्राओं ने आयुक्त के सामने पाठ पढ़कर सुनाया, जिस पर उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।