पांच दिनों तक भक्त नंगे पैर तपती धूप में पूरे नगर का भ्रमण करते हैं। कुछ श्रद्धालु तो अपने शरीर में नाड़े पिरोकर अपनी आस्था और संकल्प का प्रदर्शन करते हैं, जो इस परंपरा को और भी अद्वितीय बनाता है।
पांच दिनों तक भक्त नंगे पैर तपती धूप में पूरे नगर का भ्रमण करते हैं। कुछ श्रद्धालु तो अपने शरीर में नाड़े पिरोकर अपनी आस्था और संकल्प का प्रदर्शन करते हैं, जो इस परंपरा को और भी अद्वितीय बनाता है।
सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष आरती के बीच बृजेन्द्र प्रताप सिंह भी भक्तों के साथ भक्ति में लीन नजर आए।
फैज खान ने कुछ प्रमुख मुस्लिम हस्तियों के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को लेकर असुरक्षा की भावना जताना गलत है। उन्होंने कहा कि “सबसे सुरक्षित अगर कोई जगह है, तो वह हिंदुस्तान है।
सफाई अभियान में शामिल समिति की डॉ. कुसुम पाटीदार ने कहा कि नर्मदा घाट आस्था का केंद्र है, इसकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।