बैतूलः मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर नगर मेंआस्था, परंपरा और श्रद्धा का अनोखा संगम देखने को मिला। जहां हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर के बाजार चौक में श्रद्धालुओं ने भक्ति की मिसाल पेश की। चैत्र नवरात्र के दौरान शुरू हुई इस विशेष परंपरा में भक्तों ने हनुमान मोहल्ले स्थित माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और इसके पश्चात गाड़ी खींचते हुए नगर भ्रमण किया।
यह यात्रा बाजार चौक स्थित नगर सेठानी अम्बा मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई, जहां पूरे विधि- विधान के साथ समापन पूजा की गई। इस आयोजन की विशेषता यह रही कि श्रद्धालु अपनी-अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ‘भगत’ बनते हैं और कठोर तपस्या करते हैं। रामनवमी के अगले दिन से जोत प्रज्ज्वलित की जाती है और इसके बाद पांच दिनों तक भक्त नंगे पैर तपती धूप में पूरे नगर का भ्रमण करते हैं। कुछ श्रद्धालु तो अपने शरीर में नाड़े पिरोकर अपनी आस्था और संकल्प का प्रदर्शन करते हैं, जो इस परंपरा को और भी अद्वितीय बनाता है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वर्षों पहले जब नगर में महामारी फैली थी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, तब लोगों ने माता रानी की आराधना की। धीरे-धीरे महामारी समाप्त हुई और तभी से यह परंपरा शुरू हुई, जो आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाई जा रही है। आठनेर में चैत्र पूर्णिमा का यह महोत्सव आस्था और भक्ति का जीवंत प्रतीक बन चुका है।
बैतूल से सवाददाता कमलाकर तायवाड़े की रिपोर्ट