अचानक बदले इस मौसम ने किसानों और आमजन को संभलने का कोई अवसर नहीं दिया और लोग बेबस होकर अपनी फसलें बर्बाद होते देखते रह गए। प्राकृतिक आपदा के बीच भ्रष्टाचार की तस्वीर भी उजागर हो गई है।
अचानक बदले इस मौसम ने किसानों और आमजन को संभलने का कोई अवसर नहीं दिया और लोग बेबस होकर अपनी फसलें बर्बाद होते देखते रह गए। प्राकृतिक आपदा के बीच भ्रष्टाचार की तस्वीर भी उजागर हो गई है।
पांच दिनों तक भक्त नंगे पैर तपती धूप में पूरे नगर का भ्रमण करते हैं। कुछ श्रद्धालु तो अपने शरीर में नाड़े पिरोकर अपनी आस्था और संकल्प का प्रदर्शन करते हैं, जो इस परंपरा को और भी अद्वितीय बनाता है।