जंगल के इस हिस्से में बाघों और तेंदुओं की भारी सक्रियता रहती है। रेंजर अजय बाजपेयी के अनुसार, शुरुआती आशंका किसी हिंसक वन्यजीव के हमले की जताई जा रही है।
जंगल के इस हिस्से में बाघों और तेंदुओं की भारी सक्रियता रहती है। रेंजर अजय बाजपेयी के अनुसार, शुरुआती आशंका किसी हिंसक वन्यजीव के हमले की जताई जा रही है।
जंगल में जहां बड़े पैमाने पर ताजा कटान के सबूत मौजूद थे, वहां जाने के बजाय टीम ने एक झोपड़ी के पास बैठकर ही पंचनामा तैयार कर लिया। इस दौरान नाकेदार के करीबी लोगों को बुलाकर दस्तखत करवाए गए, जबकि ग्रामीणों और वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया।