देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को दो महीने होने जा रहे है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेताओं और सरकार के बीच नौ दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
तो वही दूसरी और किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसके अलावा किसान और सरकार के बीच कल मंगलवार को 10वें दौर की वार्ता होनी है।
सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन की सुनवाई में एक याचिका किसानों की 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ भी दायर की गई है। आज इसी याचिका पर सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में ट्रैक्टर रैली के मुद्दे को दिल्ली पुलिस पर छोड़ दिया है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में किसे प्रवेश देना चाहिए या नहीं, इस बारे में फैसला करने का पहला अधिकार पुलिस को है। अब 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के बारे में दिल्ली पुलिस को ही फैसला करना है।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने ही इस ट्रैक्टर रैली के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा कार्यक्रम है।
आंदोलन के नाम पर देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी की इजाजत नहीं दी जा सकती। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट ट्रैक्टर रैली या गणतंत्र दिवस कार्यक्रम को किसी भी तरह से बाधित करने पर रोक लगाए।
सुनवाई के दौरान सीजेआई एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि पुलिस के पास इस मामले से निपटने का पूरा अधिकार हैं। पीठ ने कहा, ‘क्या उच्चतम न्यायालय यह बताएगा कि पुलिस की क्या शक्तियां हैं और वह इनका इस्तेमाल कैसे करेगी? हम आपको यह नहीं बताने जा रहे कि आपको क्या करना चाहिए। दिल्ली में प्रवेश का मामला न्याय व्यवस्था से जुड़ा है और पुलिस इस पर फैसला करेगी।’
पीठ ने कहा अटॉर्नी जनरल, हम इस मामले की सुनवाई स्थगित कर रहे हैं और आपके पास इस मामले से निपटने का पूरा अधिकार है। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर, 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर और देश में कोने कोने में प्रदर्शन चालू है। दिल्ली कड़ी ठंड में भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
तो वही दूसरी ओर किसानओ का कहना है कि जब तक कृषि कानून को केंद्र सरकार वापस नहीं लेगी तब तक वह अपना प्रदर्शन चालू रखगे। किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानून एमएसपी के सुरक्षा घेरे को समाप्त करने और मंडी प्रणाली को बंद करने का रास्ता साफ करेंगे।