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विश्व सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 1.32 करोड़ लोगों की हुई स्क्रीनिंग

ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस 2026 पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। सरकार ने सिकल सेल उन्मूलन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

By: BS Yadav 
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विश्व सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 1.32 करोड़ लोगों की हुई स्क्रीनिंग

खंडवा। विश्व सिकल सेल दिवस 2026 के अवसर पर खंडवा जिले के पवित्र तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन, जागरूकता, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। साथ ही इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।

 

सिकल सेल उन्मूलन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस बीमारी की पहचान और रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में 1 करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिससे संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

गर्भवती महिलाओं को मिल रही विशेष चिकित्सा सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि रोग प्रबंधन के तहत सिकल सेल प्रभावित गर्भवती महिलाओं को विशेष उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही रोग की आनुवंशिक प्रकृति को ध्यान में रखते हुए जेनेटिक काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है।उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को सिकल सेल कार्ड प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन संभव हो सके।

3,700 से अधिक सिकल सेल मित्र निभा रहे अहम भूमिका

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में 3,700 से अधिक सिकल सेल मित्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। ये स्वयंसेवक जागरूकता फैलाने, रोग की पहचान कराने और मरीजों को उपचार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।उन्होंने कहा कि सिकल सेल मित्रों के सहयोग से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।

आदिवासी क्षेत्रों में विशेष फोकस

सिकल सेल एनीमिया का प्रभाव विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में अधिक देखा जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा स्क्रीनिंग, जागरूकता और उपचार संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने सिकल सेल मुक्त भारत और सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प को दोहराते हुए समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

जागरूकता और समय पर उपचार ही बचाव का उपाय

विशेषज्ञों ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसकी समय पर पहचान और नियमित उपचार से मरीजों का जीवन बेहतर बनाया जा सकता है। जागरूकता, जांच और परामर्श इसके नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम ने बीमारी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और इसके उन्मूलन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित किया।

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