{ सतीश की रिपोर्ट }
कोरोना वायरस के असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने मार्च के माह में जब पूरे देश में सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की तो इसका सबसे ज्यादा असर गरीब,असहाय और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा था।
उस समय जनपद संभल की तहसील चंदौसी के बनियाखेड़ा विकास खंड की ग्राम पंचायत गुमथल के प्रधान विनय शर्मा ने लॉकडाउन के दौरान ऐसे लोगों को खाना उपलब्ध कराने के लिए अपने गावँ के सरकारी स्कूल में सामूहिक किचन शुरू की.
जिसके माध्यम से ऐसे लोगों को खाना उपलब्ध कराया गया जो गरीब असहाय और दिहाड़ी मजदूर थे।
एक गावँ के लोगों को खाना उपलब्ध कराने की शुरुआत के बाद इस सामूहिक किचन से धीरे-धीरे 67 गांवों के जरूरतमंद लोगों को खाना उपलब्ध कराया जाने लगा।
लॉकडाउन के दूसरे दिन से शुरू की गई इस सामूहिक किचन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को 74 दिन तक बिना रुके खाना उपलब्ध कराया गया।
इस विषय में गुमथल के प्रधान विनय शर्मा ने बताया कि क्योंकि मैं अपने गांव का प्रधान हूँ इसलिए मेरे गावँ के लोगों के विषय में मुझसे बेहतर कौन जान सकता हैं।
इसीलिए मैंने इस किचन के माध्यम से लोगों को खाना उपलब्ध कराने का निश्चय किया था। पूरे लॉकडाउन के दौरान करीब 67 गांव के लोगों को खाना उपलब्ध कराया।