पन्ना जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी की जिला इकाई ने विद्युत विभाग में कथित भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, मनमानी बिलिंग और बिजली आपूर्ति में अव्यवस्थाओं के विरोध में प्रदर्शन करते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सपा जिला अध्यक्ष जयराम यादव ने आरोप लगाया कि जिले में बिजली कनेक्शन, मीटर स्थापना और अन्य विभागीय कार्यों के लिए आम नागरिकों को लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका दावा है कि बिना रिश्वत दिए लोगों के कार्य नहीं किए जा रहे हैं।
बिजली कनेक्शन के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
समाजवादी पार्टी ने ज्ञापन में एक मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एक युवक पिछले दो महीनों से व्यावसायिक बिजली कनेक्शन प्राप्त करने का प्रयास कर रहा था, लेकिन रिश्वत नहीं देने के कारण उसका आवेदन लंबित रखा गया। पार्टी का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने युवक के आधार कार्ड पर ही कनेक्शन न देने संबंधी टिप्पणी अंकित कर विभागीय सील लगा दी। हालांकि इन आरोपों पर बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बड़े उपभोक्ताओं को संरक्षण देने का आरोप
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले में बड़े प्रतिष्ठानों और फैक्ट्रियों द्वारा की जा रही कथित बिजली चोरी पर विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि इसका आर्थिक भार आम उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। पार्टी के अनुसार ग्राम पंचायत मनोर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को 5 से 10 हजार रुपये तक के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। वहीं शहर के मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भी अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिल रही है।
अघोषित बिजली कटौती से जनता परेशान
ज्ञापन में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सपा नेताओं का कहना है कि जिले के कई क्षेत्रों में रात 10 बजे से सुबह 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
अधिकारियों की जांच और तबादले की मांग
समाजवादी पार्टी ने राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पन्ना शहर में पदस्थ दोनों सहायक यंत्रियों (AE) को तत्काल हटाने, विभागीय जांच कराने और उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही भोपाल स्तर से एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की भी मांग की गई है। अखिलेश यादव की पुत्री पर टिप्पणी को लेकर भी सौंपा ज्ञापन। पार्टी पदाधिकारियों ने कोतवाली प्रभारी को अलग से ज्ञापन सौंपकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी जिला स्तर पर व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान सपा जिला अध्यक्ष जयराम यादव, युवा प्रदेश अध्यक्ष सोनेलाल प्रजापति, महामंत्री देवेंद्र लोधी, कमलेश यादव, रहीम खान, नरेश गोंड, रामायण सिंह, गजेंद्र चौधरी, मुन्ना सिंह फौजी, करण सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पन्ना से राजेश रावत की रिपोर्ट