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तालिबानी आतंक के बीच अफगानिस्तान की सीमा पर बम बरसा रहा रूस, काबुल से निकालेगा अपने नागरिक

अफगानिस्तान पर तालिबान के एक तिहाई कब्जे के बाद अमेरिका और भारत सहित तमाम देश अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में जुटे है। जिसे देखकर अब रूस भी अपने नागरिकों को निकालने के लिए हरकत में आ गया है। आपको बता दें कि रूस चार सैन्य विमानों से 500 से अधिक लोगों को अफगानिस्तान से निकालने की तैयारी में है।

By: Amit ranjan 
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तालिबानी आतंक के बीच अफगानिस्तान की सीमा पर बम बरसा रहा रूस, काबुल से निकालेगा अपने नागरिक

नई दिल्ली : अफगानिस्तान पर तालिबान के एक तिहाई कब्जे के बाद अमेरिका और भारत सहित तमाम देश अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में जुटे है। जिसे देखकर अब रूस भी अपने नागरिकों को निकालने के लिए हरकत में आ गया है। आपको बता दें कि रूस चार सैन्य विमानों से 500 से अधिक लोगों को अफगानिस्तान से निकालने की तैयारी में है।

बता दें कि काबुल से लोगों को निकालने की कवायद शुरू होने के बाद रूस का यह पहला अभियान है। इस बीच रूस ने अफगानिस्‍तान से लगती ताजिकिस्‍तान की सीमा पर युद्धाभ्‍यास भी शुरू किया है। जिससे ऐसा माना जा रहा है कि रूस का यह अभ्यास तालिबान पर दबाव बनाने की रणनीति है।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह काबुल से रूस, बेलारूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और यूक्रेन के लोगों को निकालेगा। मंत्रालय के मुताबिक, हर विमान में चिकित्सा कर्मियों की एक टीम रहेगी ताकि किसी को इलाज की जरूरत हो तो उसकी मदद की जा सके। मंत्रालय ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश पर लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया जाएगा।

ताजिकिस्‍तान के साथ युद्धाभ्‍यास कर रहा है रूस

इस बीच रूसी टैंक ताजिकिस्‍तान में अफगान सीमा के पास युद्धाभ्‍यास कर रहे हैं। यह अभ्‍यास करीब एक महीने तक चलेगा। इस अभ्‍यास के लिए रूस ने बड़े पैमाने पर सैनिक भेजे हैं और फाइटर जेट भी तैनात किए हैं। रूस को डर सता रहा है कि तालिबानी आतंकी उसके सहयोगी मध्‍य एशियाई देशों में तबाही मचा सकते हैं। इसी वजह से वह व्‍यापक युद्धाभ्‍यास कर रहा है।

उधर, अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक सैनिकों की वापसी के काम को पूरा करने की प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया है। बाइडन के 31 अगस्‍त को लेकर अड़े रहने पर अमेरिका का अपने कुछ करीबी सहयोगियों से टकराव हुआ है क्योंकि इस समयसीमा के बाद तालिबान के शासन के बीच, लोगों को युद्धग्रस्त देश से निकालने के प्रयास बंद हो जाएंगे।

काबुल हवाईअड्डे पर अब भी अमेरिका के 5,800 सैनिक

आपको बता दें कि काबुल हवाईअड्डे पर अब भी अमेरिका के 5,800 सैनिक मौजूद हैं। ब्रिटेन और अन्य सहयोगी देशों ने बाइडन से अमेरिकी सेना को काबुल हवाईअड्डे पर और अधिक वक्त तक रखने का अनुरोध किया था। सहयोगी देशों के अधिकारियों ने कहा था कि कोई भी देश अपने सभी नागरिकों को निकाल नहीं पाया है। वहीं तालिबान ने 31 अगस्त तक अमेरिकी सरकार को उनके सैनिकों को हर हाल में निकालने का आदेश है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को इसके बाद अंजाम भुगतने की चेतावनी दी।

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