विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रबोधिनी फाउण्डेशन ने कोरोना के संक्रमण से बचने के लिये औषधि आधारित पौधों एवं वृक्षों को संरक्षण का संकल्प लिया है।
गिलोय के गुण के बारे में आपको बता दे कि गिलोय को आयुर्वेद में अमृता कहा जाता है।
गिलोय के सेवन से व्यक्ति के अन्दर प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनटी ) बहुत प्रचुर मात्रा में बढ़ जाती है जिससे अनेको रोगों से छुटकारा मिलता है।
गिलोय सुगर,गठिया, वात,पित्त, कफ, इत्यादि छोटी छोटी बिमारियों के साथ कैंसर जैसे असाध्य रोग के लिये बहुत कारगर है।
उसी तरह पारिजात कितना भी पुराना मियादी बुखार, जुखाम हो तीन दिन में ठीक कर देता, उसी तरह आवला, नीम, सैजन, तुलसी का उपयोग व्यक्ति करे तो निरोग रह सकता है।
इसलिये प्रबोधिनी फाउण्डेशन एक अभियान चलाकर औषधि आधारित दस लाख पौधों को बनारस में लगाकर पर्यावरण के लिये अनोखा कार्य करेगी।
प्रबोधिनी फाउण्डेशन ने व्यक्ति, परिवार, समाज को औषधि आधारित पौधों के बारे में जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया है ।