{ गोरखपुर से प्रदीप की रिपोर्ट }
खालसा साधना दिवस अर्थात बैसाखी पर्व सोमवार यानी आज श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। बैसाखी के दिन ही सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 में आनंदपुर साहब में मुगलों के अत्याचार का मुकाबला करने के लिये इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी।
इसके अतिरिक्त इसी दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है और जिसे मेष संक्रांति भी कहा जाता है, पंजाब में पकी हुई फसल को काटने की तैयारी में यहां के किसान जुटे हुए होते हैं। आज पीएम मोदी और प्रदेश के सीएम योगी जी ने भी इस पर्व की बधाई दी है।
लेकिन प्रतिवर्ष गुरुद्वारों में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम इस वर्ष लाकडाउन के चलते निरस्त कर दिया गया है और लोग अपने घरों में यह पर्व मनाएंगे।
उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य जगन सिंह टीटू ने बताया कि सिख समाज के लोगों ने तय किया है कि वैशाखी पर सोमवार को धर्मशाला पुलिस चौकी के पास पुलिस कर्मियों द्वारा चलाए जा रहे लंगर सेवा की जाएगी तथा उनका सम्मान किया जाएगा।