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दीदी के गढ़ में गरजे पीएम मोदी, कहा- CAA पर अफवाह के शिकार हैं कुछ युवा।

By: RNI Hindi Desk 
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दीदी के गढ़ में गरजे पीएम मोदी, कहा- CAA पर अफवाह के शिकार हैं कुछ युवा।

पश्चिम बंगाल में CAA को लेकर भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पीएम मोदी ने कोलकाता के बेलूर मठ में इस कानून को लेकर अपना रूख स्पष्ट किया। पीएम मोदी ने बिना किसी का नाम लिए ममता बनर्जी समेत तमाम विपक्षियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने साफ किया कि नागरिकता कानून लोगों को देने के लिए है न कि लेने के लिए। इस कानून को रातों- रात नहीं बल्कि काफी सोच विचार कर बनाया गया है। लेकिन कुछ राजनीतिक दल ऐसे हैं जो इसे जानबूझकर समझना नहीं चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि इस कानून के बन जाने के बाद पाकिस्तान को जवाब देना होगा कि उसने अल्पसंख्यकों पर जुर्म क्यों किया।

पीएम मोदी ने बेलूर मठ को अपना घर बताते हुए कहा कि, नागरिकता संशोधन कानून को लेकर युवाओं में बड़ी चर्चा है। बहुत से सवाल युवाओं के मन में भर दिए गए हैं, बहुत से युवा अफवाहों के शिकार हुए हैं। ऐसे में युवाओं को समझाना और संतुष्ट करना हम सबकी जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने कहा कि, देश, पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं से इस पवित्र भूमि से कहना चाहता हूं कि नागरिकता कानून के लिए हमने रातों-रात कोई कानून नहीं बनाया है।   

पीएम मोदी ने कहा कि, हमें यह पता होना चाहिए कि दूसरे देश का कोई भी नागरिक भारत की नागरिकता ले सकता है। यह कानून नागरिकता देने का है, लेने का नहीं। नागरिकता संशोधन कानून केवल पहले से मौजूद कानून में एक संशोधन है। इसमें बंटवारे की वजह से जिन लोगों को संकटों का सामना करना पड़ा, उन्हें पूज्य महात्मा गांधी से लेकर तब के दिग्गज नेताओं का यही कहना है कि भारत को ऐसे लोगों को नागरिकता देनी चाहिए, जिन पर धर्म की वजह से अत्याचार किया जा रहा है।

कोलकाता में पीएम मोदी ने कहा कि हमने वही किया है जो गांधी जी कहकर गए थे। उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून संशोधन कानून में हम नागरिकता दे रहे हैं, किसी की नागरिकता छीन नहीं रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, चाहे व्यक्ति किसी भी धर्म का हो, नास्तिक भी जो भारत के नागरिकता को मानता है, वह तय प्रक्रियाओं के तहत भारत की नागरिकता ले सकता है। लेकिन राजनीति का खेल खेलने वाले इसे समझने को तैयार नहीं है।

दो दिनों के पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि, नॉर्थ ईस्ट हमारा गर्व है, वहां कि सांस्कृति, रीति- रिवाज औऱ जनसंख्या पर भी इस कानून का किसी भी तरह का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़े इसका उपाय केंद्र सरकार ने किया है। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग अपने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर रहे हैं।

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