नई दिल्ली : अमेरिकी सैनिकों द्वारा अफगानिस्तान छोड़े जाने के बाद तालिबान लगातार अफगान पर हिंसा कार्रवाई करते हुए उसे अपने कब्जे में लेने को आगे बढ़ रहा था, जिसमें वो काफी हद तक कामयाब भी हो गया। आपको बता दें कि तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को अपने कब्जे में लिया है। इसके साथ ही उसने अन्य सैन्य ठिकानों को भी अपने कब्जे में लेने के लिए हिंसात्मक कार्रवाई जारी रखा है।
इसी बीच तालिबान के कब्जे के बाद देश छोड़ गये अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने लिखा है कि, आज मेरे सामने कठिन विकल्प है। मुझे कठिन फैसला लेना पड़ा। मुझे तालिबान के सामने खड़ा रहना चाहिए। मैंने बीते 20 साल से अपनी जीवन यहां के लोगों को बचाने में बिताया है। मैंने अगर देश नहीं छोड़ा होता तो यहां की जनता के लिए अंजाम बुरे होते। तालिबानियों ने मुझे हटाया है। वो काबुल में यहां के लोगों पर हमले के लिए यहां आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान ने हिंसा से लड़ाई जीत ली है। अब उनकी जिम्मेदारी है को वो अफगानिस्तान के लोगों की रक्षा करे। उन्होंने लिखा है कि खूनखराबे से बचने के लिए मेरा अफगानिस्तान से जाना ही सही लगा।

उधर, तालिबान के कमांडरों ने कहा कि उन्होंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति पैलेस पर कब्जा जमा लिया है। अफगानिस्तान के स्थानीय मीडिया के मुताबिक तालिबान के डिप्टी लीडर मुल्ला बरादर ने कहा कि उन्हें कभी ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वे इस तरह से वापसी करेंगे। तालिबानी नेता ने कहा कि अब उन लोगों का परीक्षण इस बात पर होगा कि वो कैसे अफगानिस्तान के लोगों के हितों की सुरक्षा करते हैं।
टोलो न्यूज के मुताबिक तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि लूटपाट और आराजकता रोकने के लिए वो काबुल के कुछ हिस्सों में घुसेंगे और सुरक्षाबलों द्वारा खाली की गई चौकियों पर कब्जा जमाएंगे। उन्होंने लोगों से कहा कि काबुल में उनके प्रवेश पर लोगों के डरने की जरूरत नहीं है।
खबरों की मानें तो अफगानिस्तान (Afghanistan) के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) ओमान में अमेरिकी एयरबेस पहुंचे। अटकलें हैं कि वो यहां से अमेरिका जाएंगे।
तालिबान का कब्जा
बता दें कि अफगानिस्तान पर 20 साल के बाद एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है। उसने देश के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया है। टोलो न्यूज के मुताबिक, यहां सत्ता हस्तांतरण की प्रकिया भी पूरी हो गई है। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान को सत्ता सौंप दी है।
सूत्रों के मुताबिक, नई अंतरिम सरकार के अंतरिम प्रमुख के रूप में अली अहमद जलाली का नाम सबसे आगे चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ काबुल की पुलिस ने अपने हथियार तालिबान को सौंप दिए हैं। इससे पहले आंतरिक और विदेश मामलों के कार्यवाहक मंत्रियों अब्दुल सत्तार मिर्जाकवाल ने अलग-अलग वीडियो क्लिप में आश्वासन दिया कि काबुल के लोगों को सुरक्षित किया जाएगा, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ शहर की रक्षा कर रहे हैं।