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MP में OBC आरक्षण पर सियासत तेज, राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब

मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 27 प्रतिशत OBC आरक्षण से जुड़े लंबित मामलों और नियुक्तियों का मुद्दा उठाया है। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे युवाओं और OBC वर्ग के अधिकारों से जुड़ा विषय बताया। इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भी छात्रों की ओर से आरक्षण और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। अब इस मामले में कांग्रेस की मांगों और सरकार के जवाब पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।

By: Nivedita 
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MP में OBC आरक्षण पर सियासत तेज, राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब

भोपाल। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC आरक्षण को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 27 प्रतिशत OBC आरक्षण से जुड़े लंबित मामलों और नियुक्तियों का मुद्दा उठाया है। राहुल गांधी ने यह पत्र 22 सितंबर को लिखा था और इसमें इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान सामने आए छात्रों के मुद्दों का भी उल्लेख किया।

छात्रों से संवाद के बाद सामने आया OBC आरक्षण का मुद्दा

इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और सरकारी भर्तियों से जुड़े सवाल राहुल गांधी के सामने रखे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों ने OBC आरक्षण से संबंधित नियुक्तियों में देरी का मुद्दा भी उठाया था। राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में दावा किया कि 27 प्रतिशत OBC आरक्षण से जुड़े 13 प्रतिशत पद ‘87:13’ व्यवस्था के तहत लंबित हैं और चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके कुछ अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ करने का आग्रह किया है।

जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने OBC आरक्षण के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं ने अपने भविष्य, रोजगार और आरक्षण से जुड़े विषय सामने रखे हैं। पटवारी ने OBC आरक्षण के सवाल को युवाओं के अवसरों और सरकारी नियुक्तियों से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। कांग्रेस का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके अभ्यर्थियों को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलनी चाहिए।

 

27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर क्या है विवाद?

मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण का प्रावधान 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में किया गया था। इसके बाद आरक्षण बढ़ाए जाने को लेकर कानूनी चुनौती सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, इसी विवाद के बीच राज्य में ‘87:13’ फॉर्मूले के तहत नियुक्तियों की व्यवस्था अपनाई गई, जिसमें विवादित 13 प्रतिशत पदों को फिलहाल लंबित रखा गया। इस व्यवस्था को लेकर OBC अभ्यर्थी और राजनीतिक दल अलग-अलग मांगें उठाते रहे हैं। कांग्रेस लंबित नियुक्तियों और 27 प्रतिशत आरक्षण के क्रियान्वयन की मांग कर रही है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले में अदालत से जुड़े पहलुओं का हवाला दिया गया है।

OBC आरक्षण पर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने

OBC आरक्षण को लेकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लंबित नियुक्तियों और अभ्यर्थियों की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है। दूसरी ओर, बीजेपी की ओर से आरक्षण से जुड़े विवाद के लिए पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों और न्यायिक प्रक्रिया का उल्लेख किया जाता रहा है। राहुल गांधी की मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब सरकार की ओर से पत्र और कांग्रेस की मांगों पर आगे क्या जवाब दिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

 

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