रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी
जम्मू : जम्मू के फ्लायं मंडाला के गांव अलोरा से दर्दनाक घटना सामने आयी है। जहां कांस्टेबल राजिंदर कुमार ने ससुराल पहुंचकर पत्नी सीमा देवी, सास राज कुमारी और सुसर रमेश कुमार पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी । इसके अलावा घर में मौजूद साले पर भी गोली चलाई, लेकिन वह किसी तरह से बच गया । इतना ही नहीं, आरोपी ने अपनी सात साल की बेटी को भी गोली मारने की कोशिश की।

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मामले को लेकर हत्यारोपी के साले अविनाश का कहना है कि जीजा का किसी युवती के साथ प्रेम प्रसंग है। जीजा उस युवती को लगातार फोन करता था और वाट्सएप पर चैटिंग भी करता था । यह बात बहन सीमा को पता चल गई थी। जीजा दूसरी शादी करना चाहता था, इसे लेकर वह उसकी बहन को पीटता भी था । महिला थाने में इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन पुलिस ने भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की । अविनाश ने बताया कि वारदात के वक्त उसका छोटा भाई राजिंदर घर में नहीं था अन्यथा जीजा उसको भी मार देता ।

अविनाश ने आगे बताया- उत्पीड़न के चलते वो अपनी बहन औऱ बच्चों को मंगलवार को अपने घर ले आया । लेकिन रात में उसके जीजा ने फोन कर कहा उसका प्रमोशन हुआ है और वो इसी की मुबारकबाद देने के लिए आ रहा है । पीड़ित ने कहा कि वो समझ गया था कि उसके दिमाग में कुछ चल रहा है, लेकिन उसे इस बात का ज़रा सा भी अंदाजा नहीं था कि वो ऐसा कदम उठाएगा ।

अविनाश का कहना है कि मां-बाप की तो हत्या कर दी गई है, बहन को भी मार डाला । अब उसका एक चार साल का भांजा और सात साल की भांजी है। दोनों की परवरिश कैसे होगी, क्योंकि न तो उसकी शादी हुई है और न ही उसके छोटे भाई की । दोनों भाई मजदूरी करते हैं तो इन बच्चों को किस तरह से पालेंगे। लिहाजा दोनों बच्चों के बालिग होने का सारा खर्च पुलिस उठाए और उनके बालिग होने के बाद सरकारी नौकरी दी जाए । साथ ही आरोपी के रिटायर होने तक उसका पूरा वेतन और अन्य लाभ उसके बच्चों को दिए जाएं ।
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आपको बताते चलें कि मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए मृतक के परिजनों ने शव गृह के बाहर प्रदर्शन किया । उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहा है । घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है । लोगों के मन में सवाल है कि आरोपी पुलिसकर्मी के पास सर्विस रिवाल्वर क्यों ले जाने दी । जबकि किसी भी पुलिस कर्मी को ड्यूटी खत्म होने के बाद सरकारी गन घर नहीं ले जाने दी जानी चाहिए। इस बीच मड़ विधानसभा के पूर्व विधायक सुखनंदन चौधरी भी अस्पताल पहुंचे और परिवार के प्रति सांत्वना प्रकट की । जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और मृतकों के शव को गांव ले जाकर मुखाग्नि दी गयी । वहीं, घटना के बाद मृतक युवती के दोनों बच्चों में दहशत का माहौल है ।