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कुछ लोग राजनीति बदलने आए थे, उनका नकाब अब उतर चुका है- पीएम मोदी

By: RNI Hindi Desk 
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कुछ लोग राजनीति बदलने आए थे, उनका नकाब अब उतर चुका है- पीएम मोदी

चुनाव ऐलान के बाद दिल्ली में अपनी पहली रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर जमकर हमला बोला। कड़कड़डूमा रैली में पीएम ने दिल्ली के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए कामों को गिनाते हुए शाहीन बाग के मुद्दो पर भी उठाया।

पहली बार, देश को लोकपाल भी मिला। देश के लोगों को तो लोकपाल मिल गया, लेकिन दिल्ली के लोग आज भी इंतजार कर रहे हैं। इतना बड़ा आंदोलन और इतनी बड़ी-बड़ी बातें की गई थी, उन सबका क्या हुआ?

शनिवार को जो बजट आया है, वो इस साल के लिए ही नहीं बल्कि इस पूरे दशक को दिशा देने वाला है। इस बजट का लाभ दिल्ली के नौजवानों, व्यापारियों, मध्यम वर्ग, निम्म मध्यम वर्ग, गरीबों और यहां की महिलाओं, सभी को होगा। बजट में युवाओं के रोजगार से जुड़े एक बड़े रिफॉर्म का ऐलान किया गया है। ये रिफॉर्म है- नॉन गैजेटेड सरकारी नौकरियों में अलग-अलग एग्ज़ाम की परेशानी से युवाओं को मुक्ति दिलाना। केंद्र सरकार की भर्तियों में इंटरव्यू खत्म करने से भ्रष्टाचार पर चोट हुई।

भाजपा का हमेशा से प्रयास रहा है कि व्यापारियों की दिक्कतें कम हों, उनकी परेशानी कम हो और वो खुलकर अपना काम कर पाएं। अभी तक 1 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले लघु उद्योगों और व्यापारियों को ऑडिट कराना पड़ता था। अब इस सीमा को 5 करोड़ रुपए तक बढ़ा दिया गया है। ये सरकार का देश के उद्यमियों और दिल्ली के लाखों व्यापारियों-कारोबारियों पर विश्वास का जीता-जागता उदाहरण है।

इस बजट में, ये भी ध्यान रखा गया है कि मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर के हाथ में ज्यादा पैसे बचे। सरकार ने अब टैक्स की एक नई स्लैब का विकल्प दिया है। ये सरल भी है और इसमें टैक्स बचाने के लिए कुछ खास योजनाओं में ही Investment करने का दबाव भी नहीं है।

दिल्ली और देश के अन्य शहरों में प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए भी केंद्र सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। इस साल के बजट में 4,400 करोड़ रुपए शहरों में प्रदूषण को कम करने के लिए रखे गए हैं। अफसोस है कि दिल्ली के लोगों के साथ स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय में भी राजनीति की गई है। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को लागू ही नहीं होने दिया जा रहा।

दिल्ली के केंद्र सरकार के अस्पतालों में गरीबों का 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार के अस्पतालों में नहीं। दिल्ली के गरीब और मध्यम वर्ग से ऐसी क्या दिक्कत है? क्या राजनीति, मानवता से भी बड़ी हो गई है?

कुछ लोग राजनीति बदलने आए थे, उनका नकाब अब उतर चुका है। उनका असली रंग, रूप, और मकसद, उजागर हो गया है। लेकिन आपको याद होगा जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी, तब इसी दिल्ली में देश की सेना, हमारे वीर जवानों को कठघरे में खड़ा कर दिया गया था।

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