विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश): 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में तीन लाख से अधिक लोगों के साथ ‘योग संगम’ के तहत कॉमन योगा प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में योग को मानवता का पथ प्रदर्शक बताते हुए इसे ‘आंतरिक शांति और वैश्विक संतुलन’ की कुंजी कहा। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं से ऊपर उठकर समाज के लिए सोचता है, तब ही योग का सच्चा उद्देश्य पूर्ण होता है। योग एक व्यक्तिगत अनुशासन ही नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने का माध्यम है। पीएम मोदी ने दुनिया को आह्वान किया कि योग को सिर्फ व्यक्तिगत अभ्यास नहीं, बल्कि वैश्विक सार्वजनिक नीति का हिस्सा बनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जब दुनिया कई प्रकार के तनाव, अशांति और अस्थिरता से गुजर रही है, तब योग शांति की दिशा दिखाता है। उन्होंने योग को ‘मानवता के लिए पॉज बटन’ बताते हुए कहा कि यह दुनिया को संघर्ष से समाधान की ओर ले जाने में मदद करता है। योग न केवल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, बल्कि यह आध्यात्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। पीएम मोदी ने बताया कि भारत में योग पर वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है और AIIMS जैसे संस्थानों में इसके लाभों पर विस्तृत अध्ययन हो रहा है। उन्होंने बताया कि योग कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी विकारों, महिला स्वास्थ्य और मानसिक तंदुरुस्ती में भी लाभदायक सिद्ध हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से योग और तंदुरुस्ती को घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। देशभर में योग पोर्टल और योगधा पोर्टल के माध्यम से 10 लाख से अधिक योग कार्यक्रमों का पंजीकरण हो चुका है। योग प्रमाणन बोर्ड के माध्यम से साढ़े छह लाख से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया है, और 130 से ज्यादा संस्थान मान्यता प्राप्त हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेजों में 10 दिवसीय योग मॉडल की शुरुआत और आयुष्मान भारत आरोग्य मंदिरों में प्रशिक्षित योग शिक्षकों की नियुक्ति के माध्यम से एक समग्र वेलनेस इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने ई-आयुष वीजा और हील इन इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत अब वैश्विक स्तर पर वेलनेस टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने मोटापे की समस्या पर चिंता जताते हुए आहार में तेल की खपत 10 प्रतिशत तक कम करने की चुनौती का पुनः आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने योग को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि योग दुनिया को शांति, स्वास्थ्य और संतुलन की ओर ले जाने वाला मार्ग है। उन्होंने कहा, “योग केवल आसन नहीं, यह आत्मशक्ति, सामाजिक चेतना और वैश्विक शांति का सूत्र है।” अंत में प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश सरकार और वहां की जनता को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी और विश्वभर में फैले योग प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।