ग्वालियर में विकास कार्यों को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सीधे सवालों पर प्रभारी मंत्री Tulsi Silawat और पत्रकारों के बीच तीखी बहस हो गई। मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया, जिसका वीडियो और चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेजी से फैल रही है।
दरअसल, Gwalior में सड़क, अस्पताल और अन्य बुनियादी विकास कार्यों की स्थिति को लेकर मीडिया ने प्रभारी मंत्री से सवाल किए। इसी दौरान एक पत्रकार ने टिप्पणी करते हुए पूछा- “महाराज आते हैं तभी आप आते हैं? फिर दिखाई भी नहीं देते?” इस सवाल पर मंत्री तुलसी सिलावट नाराज हो गए और उनका लहजा सख्त हो गया।
पत्रकार के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा- “प्रभारी मंत्री को निर्देश नहीं दोगे।” मंत्री के इस बयान के बाद कुछ समय तक पत्रकारों और मंत्री के बीच नोकझोंक होती रही। पर माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही से जोड़कर देख रहा है, वहीं सत्तापक्ष समर्थकों का कहना है कि सवाल पूछने का तरीका मर्यादित होना चाहिए। फिलहाल यह मामला शांत हो चुका है, लेकिन ग्वालियर में विकास कार्यों और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर बहस एक बार फिर केंद्र में आ गई है।