{ raashid ki report }
इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस बेटी को डोली में बिठाने के लिए बाप ने लाखों सपने संजोए थे। उस बेटी के अंतिम संस्कार के लिए भी परिजनों को तमाम तरह के पापड़ बेलने पड़े।
दरअसल, बीती चार जून को जागृति विहार निवासी 17 वर्षीय किशोरी की कोरोना से मौत हो गई थी। उधर, किशोरी की बहन को छोड़कर अन्य सभी परिजनों को मवाना रोड स्थित ट्रांसलेट एकेडमी में क्वॉरेंटाइन किया गया था।
किशोरी की बहन की माने तो वह पिछले दो दिन से अपनी बहन का शव लेने के लिए मेडिकल के चक्कर काट रही थी। शनिवार को भाजपा नेता राहुल ठाकुर और योगेश पाल के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी भाजपा के पूर्व विधायक अमित अग्रवाल को दी।
जिसके बाद तमाम प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन किए जाने पर मेडिकल के डॉक्टरों ने आनन-फानन में किशोरी के शव को एंबुलेंस से सूरजकुंड श्मशान घाट भेज दिया।
उधर, सीएमओ डॉ राजकुमार ने अपने खर्चे से अंतिम संस्कार का पूरा इंतजाम किया। किशोरी के पिता को एंबुलेंस द्वारा सूरजकुंड श्मशान घाट लाया गया। जहां बेटी का अंतिम संस्कार करके उसके पिता दोबारा क्वॉरेंटाइन सेंटर वापस लौट गए।