21 दिनों के लॉकडाउन का असर सिर्फ आम जनता पर ही नहीं बल्कि देश के किसानों पर भी हो रहा है। देश के किसानों जो दूध बेच रहे है उनके सामने अब यह समस्या आ गयी है की वो इतने दूध का क्या करे क्यूंकि लॉकडाउन के कारण सभी चाय के ठेले और होटल बंद है। वही लोग घरों में पलायन कर गए है ऐसे में किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है।
देश का किसान एक तो पशुओं के चारे की कमी से पहले से ही परेशान हैं और महंगे दाम में पशु आहार मिल रहा है और दूध भी नहीं बिक रहा, ऐसे में इन किसानों की ये हालत है की इन्हे दूध फेंकना पड़ रहा है क्यूंकि डेयरी बाज़ार भी मंदा पड़ा हुआ है।
आपको बता दे, दुग्ध उत्पादन में लगभग 75% हिस्सेदारी लघु, सीमांत और भूमिहीन किसानों की है। ऐसे में उनके लिए खुद दूध बेच पाना मुश्किल होता है। लगभग 10 करोड़ डेयरी किसान हैं यानी लगभग 50 करोड़ लोग दुग्ध उत्पादन से होने वाली आमदनी पर निर्भर हैं।