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जानिए प्याज भंडारण के लिए सरकार से मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

भंडारण की क्षमता को पूरा करने एवं प्याज किसानों को सही दाम दिलवाने के लिए देश तथा राज्यों में विभिन्न प्रकार की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के तहत किसानों को प्याज भंडारण के लिए अनुदान दिया जायेगा।

By Prity Singh 
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प्याज की खेती भारत के कई राज्यों में की जाती है लेकिन नासिक (महाराष्ट्र) और अलवर (राजस्थान) में अधिक लोकप्रिय है। एक बड़ी समस्या जिसका सामना अधिकांश प्याज उत्पादक करते हैं, वह है भंडारण। प्याज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उनके पास गोदाम नहीं है और इससे उनका प्याज खराब हो जाता है। वहीं, प्याज खराब होने के डर से कई किसान अपनी प्याज की फसल को कम दामों पर बेचने को मजबूर हैं, इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को उपज के गोदामों के निर्माण के लिए सब्सिडी देना शुरू कर दिया है।

वर्तमान में मध्यप्रदेश का बागवानी विभाग 50 मीट्रिक टन क्षमता के भंडारगृहों के निर्माण पर अनुदान प्रदान कर रहा है। इच्छुक किसान इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्याज स्टॉक हाउस बनाने की सरकार की योजना

आलू और प्याज जैसे खराब होने वाले उत्पादों के भंडारण की सुविधा के लिए, यह किसानों को गोदामों के निर्माण के लिए सब्सिडी देता है। इस योजना के तहत लाभार्थी किसानों को प्याज भंडारण पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान है।

यह सब्सिडी किसानों को बागवानी विभाग के माध्यम से प्रदान की जाती है । किसान 50 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम या गोदाम बना सकते हैं।

 प्याज के गोदाम पर सब्सिडी

अधिकतम लागत रु. मध्यप्रदेश बागवानी विभाग द्वारा 50 मीट्रिक टन क्षमता के भंडारण के लिए 3,50,000 रुपये निर्धारित किया गया है।

इसमें किसानों को लागत के अधिकतम 1,75,000 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है ।

इस तरह राज्य के किसानों को गोदाम निर्माण के लिए 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है।

सब्सिडी पर प्याज गोदाम स्थापित करने का लक्ष्य

राज्य के सभी जिलों के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए लक्ष्य जारी किए गए हैं।

एक को पोर्टल पर जारी कर दिया गया है तो दूसरा लक्ष्य भी दे दिया गया है। दोनों लक्ष्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसान आवेदन कर सकते हैं।

अनुसूचित जाति के लिए कुल 351 और अनुसूचित जनजाति के लिए 267 का लक्ष्य जारी किया गया है।

पोर्टल पर जारी लक्ष्य के अनुसार अनुसूचित जाति के 188 और अनुसूचित जनजाति के 266 किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा।

वहीं, सरकार द्वारा जारी अतिरिक्त आपूर्ति लक्ष्य के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए 163 और अनुसूचित जनजाति के लिए 1 लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्याज भंडारण की स्थापना के लिए किसानों को कब आवेदन करना चाहिए?

सब्सिडी पर प्याज का गोदाम स्थापित करने के इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

वे 23 सितंबर 2021 से सुबह 11 बजे से आवेदन कर सकते हैं ।

यह आवेदन जिले के दिए गए लक्ष्य के अनुसार किया जाएगा।

आवेदन लक्ष्य से 10% अधिक तक आवेदन किए जा सकते हैं।

योजना के आवश्यक नियम और शर्तें

लाभार्थी किसान को कम से कम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में प्याज उगाना आवश्यक है। प्याज के भंडारण का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है।

प्याज भण्डारण गृह का निर्माण एनएचआरडीएफ द्वारा जारी डिजाईन एवं निर्धारित मानदण्ड के अनुसार होना चाहिए तथा आशय पत्र जारी होने के बाद अधिकतम 6 माह के अंदर प्याज गोदाम का निर्माण कार्य पूर्ण करना आवश्यक होगा।

किसानों द्वारा बनाए गए प्याज भण्डार गृह के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के लिए जिले के उप सहायक निदेशक उद्यान की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय समिति गठित की जायेगी।

मूल्यांकन एवं भौतिक सत्यापन एवं समिति की अनुशंसा के आधार पर संबंधित किसान को अनुदान की राशि का भुगतान डीबीटी द्वारा एमपीएजीओ द्वारा नियमानुसार किसानों के बैंक खातों के माध्यम से किया जायेगा।

प्याज भंडारण के लिए कहां आवेदन करें

मध्यप्रदेश के राज्य उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्याज भण्डार की स्थापना हेतु अनुदान हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।
राज्य में उद्यान विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन किए जाते हैं, इसलिए इच्छुक किसान जो योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे मध्य प्रदेश के बागवानी विभाग किसान सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम पर https://mpfsts.mp.gov.in/mphd/#/ के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

इसके अलावा योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप मध्य प्रदेश में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में जा सकते हैं या प्रखंड स्तर पर कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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