रिपोर्ट: नंदनी तोदी
लखनऊ: यूपी सरकार अपने है कदम को लेकर काफी सुर्ख़ियों में रहती है। बीते कई दिनों पहले राज्य पुलिस ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसे कुछ लोगों गलत समझ कर अपने हिसाब से बदल दिया।
दरअसल, 12 फरवरी को 1090 की तरफ से डिजिटल आउटरीच प्रोग्राम ‘हमारी सुरक्षा’ शुभारंभ किया गया था। ये वो नंबर है जो मुश्किल वक्त में महिला की सुरक्षा के लिए और साइबर क्राइम के लिए डेडिकेटिड है।
इसमें ये भी बताया गया है कि 1090 डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जागरूक कर बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित किया जाएगा। साथ ही वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइकोग्राफिक्स की मदद से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित इंटरनेट पर मौजूद सामग्री सर्च करने वाले लोगों को ‘पॉप अप मेसेज’ के जरिए चेतावनी दी जायेगी।
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— Women Power Line 1090 UPPolice (@wpl1090) February 15, 2021
लेकिन कुछ मनचलों ने इसे अपने तरीके से समझ लिया और गलत बात फ़ैलाने लगे। हुआ यूँ कि इस पॉप अप मेसेज को लोगों ने अपने तरीके से बदल दिया और माने लगे कि अगर कोई अपने फोन या कंप्यूटर पर पॉर्न वेबसाइट सर्च करता है तो उसे एक चेतावनी का मेसेज आएगा। अगर फिर भी नहीं माने तो पुलिस एक्शन ले लेगी।
आपको बता दें, यूपी पुलिस का मकसद चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर है। पोस्ट में जो बात कही गई थी वो चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर कही गई थी। और सबसे बड़ी बात इसमें कोई मैसेज की बात नहीं हुई है। सिर्फ ‘पॉप अप मेसेज’ की बात है। जिसे गलत लिया गया है।
आपको बता दें कि आईटी एक्ट के तहत चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना, उसे सर्च करना और आदान-प्रदान करना अपराध की श्रेणी में आता है।