नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में इजरायली दूतावास के बाहर हुए बम धमाके मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे ही वैसे नये खुलासे हो रहे है। आपको बता दें कि इस हमले की जिम्मेदारी एक संगठन ने ले ली है, हालांकि यह संगठन किस तरह का संगठन है, इसके तार किसके साथ जुड़े हुए हैं, क्या ये कोई स्लीपर सेल है, इन सभी बिंदुओं की जांच, जांच एजेंसियां कर रहीं है। क्योंकि उनके पास इस संगठन के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है।
आपको बता दें कि यह संगठन जैश उल हिंद है। जिसने इस हमले की जिम्मेवारी ली है। वहीं इस बाबत एक और खबर सामने आ रही है, वह यह की इस हमले से हमले से यहां रेकी की गई थी, क्योंकि यहां आस-पास के इलाकों के अधिकतर सीसीटीवी कैमरे खराब है। वहीं यह धमाका जिस जिंदल हाउस के सामने हुआ है, वहां कोई कैमरा नहीं लगा हुआ है।
खबरों की मानें तो जिस बम का इस्तेमाल किया गया था, वो भले ही लो इंटेंसिटी का था लेकिन इसे बनाने के लिए ज्यादा मटीरियल का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले जांच में घटनास्थल से सॉफ्ट ड्रिंक की कैन के टुकड़े पाए गए थे। कहा जा रहा है कि विस्फोटक तैयार करने में इसका इस्तेमाल किया गया है। आपको बता दें कि बम धमाके को लेकर तेजी से जांच जारी है। दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में बसे सभी ईरानियों का ब्योरा जुटा रही है। इसके अलावा दिल्ली के सभी होटलों से संपर्क किया जा रहा है और वहां रुके ईरानियों की जानकारी ली जा रही है।
इसके साथ ही दिल्ली एयरपोर्ट और बाकी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उधर, इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद भी इस घटना की जांच पर नजर बनाये हुए है। बताया जा रहा है कि जांच के सिलसिले में मोसाद के अधिकारी जल्द ही भारत आ सकते हैं।