सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के लिए PM मोदी और केंद्र सरकार दोनों ही तमाम कोशिश कर रहे है और अब देश के युवा भी मोदी जी की इस मुहीम में अपना साथ दे रहे है।
हैदराबाद के एक युवा विशाल रंजन ने नामुमकिन को मुमकिन साबित कर दिखाया है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से नॉन-प्लास्टिक, यूपीआई बेस्ड क्रेडिट कार्ड बनाया है. इसका मकसद देश और दुनिया में बढ़ते प्लास्टिक कचरे को कम करना है.
हैदराबाद में स्नातक के छात्र विशाल रंजन को अपनी इस पहल के लिए भले ही किसी से मदद नहीं मिली लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी, फिर भी वह नॉन-प्लास्टिक वी-कार्ड बनाने में सफल हुए हैं.
वी-कार्ड के CEO विशाल रंजन ने बताया कि इस वी-कार्ड में तीन मुख्य बातें हैं. यह एक मोबाइल क्रेडिट कार्ड है. यह यूपीआई पर आधारित एक मात्र क्रेडिच कार्ड है.
उन्होंने बताया कि एकमात्र यूपीआई बेस्ड क्रेडिट कार्ड होने से आप किसी के भी साथ आसानी से लेन-देन कर सकते हैं.
इसमें दो लाख रुपये की सीमा है और वी-कार्ड मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से काम करता है. भविष्य में पैसा निकालने के लिए आवश्यक राशि को ऐप खाते में जमा किया जा सकता है.
एक सामान्य कार्ड की तरह निकाली गई राशि को ट्रांसफर किये जाने के 30 दिनों के अंदर जमा किया जाता है. यहां तक की वी-कार्ड किस्तों और ईएमआई के रूप में भी लेन-देन की सुविधा देता है.