मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना का भूमिपूजन कर विकास की एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस परियोजना को प्रदेश की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
करीब ₹2935 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह 48 किलोमीटर लंबा चार लेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर इंदौर और उज्जैन के बीच बेहतर और तेज यातायात सुविधा उपलब्ध कराएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय में भी कमी आने की संभावना है।
यह कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और निवेश की संभावनाओं को भी मजबूत करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व और धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना प्रदेश में आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास और क्षेत्रीय संतुलित प्रगति को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।