कोविड-19 संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा जारी 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस ऋण गारंटी योजना की पेशकश की थी और अब तक इस योजना में बैंकों ने एमएसएमई के लिए अब तक 1,61,017 .68 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी है।
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि सरकारी और निजी बैंकों की 100 फीसदी आकस्मिक ऋण गारंटी योजना के तहत तीन सितंबर तक 1,61,017.68 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए गए. जबकि 1,13,713.15 करोड़ रुपये के लोन वितरण किए गए।
Under the 100% ECLGS, the loan amounts sanctioned by Public Sector Banks increased to Rs 78,067.21 crore, of which Rs 62,025.79 crore has been disbursed as of 03 Sept 2020. Here are the bank-wise & State-wise details: #AatmanirbharBharat #MSMEs pic.twitter.com/T3leieOZNG
— NSitharamanOffice (@nsitharamanoffc) September 7, 2020
इस योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 78,067.21 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए जबकि डिस्ट्रीब्यूशन 62,025.79 करोड़ रुपये रहा वहीं निजी बैंकों ने 82,950 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए जबकि 51,687 करोड़ रुपये का वितरण किया।
वित्त मंत्रालय के इन आंकड़ों से साफ है कि सरकार की एमएसएमई लोन गारंटी योजना का फायदा लघु और मध्यम उद्योगों द्वारा लिया जा रहा है।