नई दिल्ली : नेपाल में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने पूरे प्रदेश में त्राहीमाम की स्थिति उत्पन्न कर दी है। बाढ़ और भूस्खलन(floods and landslides) की घटनाओं में 77 लोगों की मौत हो गई, वहीं बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए हैं। नेपाल के गृह मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ में कई घर बह गए। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो गईं। नेपाल के 19 जिले बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) ने बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को सहायता देने का ऐलान किया है। गृह मंत्रालय के अधिकारी दिल कुमार तमांग ने बताया कि सरकार मृतकों के परिवारों को करीब 1,27266 रुपये की राहत और घायलों को मुफ्त इलाज मुहैया कराएगी।

गृह मंत्रालय के अधिकारी दिल कुमार तमांग ने बताया कि भारत की सीमा से लगने वाले पूर्वी नेपाल के पांचथर जिले में 24, पड़ोसी इलाम में 13 और पश्चिमी नेपाल के डोटी में 12 लोगों की मौत हुई है। बाकी मरने वाले पश्चिमी हिस्से से हैं। कई जगहों पर रेस्क्यू टीम को पहुंचना भी मुश्किल हुआ।
हैरानी की बात यह है कि नेपाल में मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन अचानक बदलते मौसम के करवट ने रौर्द्र रूप दिखा दिया। बाढ़ से बिजली ठप हो गई। सड़कें बह गईं। वहीं किसानों की फसल बर्बाद हो गई। बेशक अब बाढ़ का पानी उतरने लगा है, लेकिन जिंदगी को वापस पटरी पर आने में लंबा समय लग जाएगा।

इस बेमौसम भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से सुदुरपशिम प्रांत (Sudurpaschim Province) सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है यहां के कंचनपुर, कैलाली, डोटी, बैताडी, दादेलधुरा, बैताडी और बजहांग जिले अत्यधिक प्रभावित हैं। महाकाली, करनाली और सेती नदियों ने दशकों में सबसे अधिक जल प्रवाह दर्ज किया, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ। बाढ़ से लगभग 25000 से अधिक लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है।

बता दें कि स्थानीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नेपाल के पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश और हिमपात होने की संभावना है। इस समय खेतों में फसल खड़ी थी। भारी बारिश से पूरी फसल खराब हो गई। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है। चूंकि ठंड की शुरुआत हो गई है, ऐसे में दिक्कतें और बढ़ गई हैं।

बाढ़ के कारण इस तरह घर बर्बाद हो गए। हजारों लोगों को राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है। नेपाल में बेमौसम भारी बारिश कई लोगों ने पहली बार देखी।