उत्तराखंड सरकार राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक नई महिला नीति लाने जा रही है, जिसका अंतिम प्रारूप मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया है और अब इसे कैबिनेट की हरी झंडी का इंतजार है। इस नीति के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई योजनाएं लागू की जाएंगी।
धामी सरकार ला रही महिला नीति
1.महिला नीति में समान नागरिक संहिता को शामिल किया गया है, जिससे महिलाओं के अधिकारों को और मजबूती मिलेगी।
2.30% क्षैतिज आरक्षण: राज्याधीन सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है, जिससे महिलाओं को सरकारी सेवाओं में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।
3.स्थानीय निकायों में आरक्षण: नगर निगमों, पंचायतों और सहकारी संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
4.ग्रामीण महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लखपति दीदी जैसी योजनाओं का प्रावधान किया गया है।
नीति का उद्देश्य और प्राथमिकताएं
उत्तराखंड राज्य के गठन और इसके विकास में मातृशक्ति ने अहम योगदान दिया है। इस नीति का लक्ष्य महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण को नई ऊंचाई देना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला नीति को जल्द अधिसूचित करने की घोषणा की है।
कैबिनेट से मंजूरी की प्रतीक्षा
कैबिनेट की आगामी बैठक में इस नीति का प्रस्ताव रखा जाएगा। कैबिनेट बैठक में कोई और बिंदु सुझाए जाने पर उसे भी इस नीति में शामिल किया जा सकता है। इस नीति को राज्य की महिलाओं को समर्पित करने के लिए राज्य स्थापना दिवस का समय तय किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से इस पर निर्णय नहीं हो सका। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह नीति जल्द ही लागू की जाएगी।
राज्यपाल से कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की मुलाकात
रविवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से राजभवन में मुलाकात की और उन्हें 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर होने वाले ‘युवा महोत्सव 2024’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

उत्तराखंड की महिला नीति राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें समाज में समानता और बेहतर अवसर मिलेंगे।