डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष-2026 के भव्य शुभारंभ अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा एक विशेष और आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
प्रदर्शनी में गिर, साहीवाल और थारपारकर नस्ल की गायों के साथ आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध पुंगनूर गाय को प्रदर्शित किया गया। आकार में छोटी लेकिन अधिक दुग्ध गुणवत्ता के लिए जानी जाने वाली पुंगनूर गाय किसानों और पशुपालकों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस दुर्लभ नस्ल को नजदीक से देखा और जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों ने किसानों एवं पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य और नस्ल सुधार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विभाग ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और उन्नत नस्लों के महत्व पर विशेष जोर दिया।
जम्बूरी मैदान में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा 5 से अधिक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, जिससे वे इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को सशक्त बना सकें।

प्रदर्शनी में गोबर से निर्मित उत्पादों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। राम दरबार, महाकाल प्रतिमा, पंचगव्य उत्पाद, पूजा-पाठ सामग्री और सौंदर्य प्रसाधनों की प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि गो-आधारित उत्पादों के माध्यम से अतिरिक्त आय के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रसिद्ध कड़कनाथ मुर्गा तथा बकरी की विभिन्न प्रजातियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही सांची दुग्ध संघ द्वारा उत्पादित दुग्ध उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे किसानों और आम नागरिकों ने सराहा।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की स्वावलंबी गोशाला नीति-2025 और आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल का भी विशेष प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से पशुपालकों को गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और स्वावलंबी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कृषक कल्याण वर्ष-2026 के शुभारंभ अवसर पर आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल पशुपालन के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने वाली रही, बल्कि किसानों और पशुपालकों के लिए आय के नए रास्ते खोलने का प्रभावी माध्यम भी बनी।