नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच ऐसे कई खबर सामने आये थे, जिसमें माता-पिता द्वारा अपने परिवार और बच्चों के पालन-पोषण के लिए बच्चे के सौदा किया। वहीं किसी ने इस संकट और बेरोजगारी से लाचार होकर अपने दिल का कलेजे का सौदा किया, जिससे वो अच्छी पल सकें। इन सभी से अलग यूपी के कन्नौज में एक दंपति ने अपने नवजात बेटे का सौदा एक कार के लिए कर दिया।

जिस बच्चे ने अभी सहीं से चलना भी शुरू नहीं किया था, मां की दूध भी नहीं छोड़ी थी। उस मां ने अपनी एक शौक के लिए अपने दिल के टुकड़ों को एक बेच दिया। एक पल भी इस बच्चे के माता-पिता के हाथ नहीं कांपे, और उन्होंने एक व्यवसायी को सेकंड हैंड कार खरीदने के लिए 1.5 लाख रुपये में बेच दिया। आपको बता दें कि इस बात का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के नाना-नानी ने पुलिस से संपर्क की और माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया।

पुलिस ने कहा कि बच्चे का जन्म तीन महीने पहले सतौर की दुलारी देवी (बदला हुआ नाम) से हुआ था। इंस्पेक्टर कोतवाली शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि नाना-नानी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी और उनके पति ने कार खरीदने के लिए बच्चे को गुरसहायगंज के एक व्यवसायी को 1.5 लाख रुपये में बेच दिया था। मिश्रा ने कहा कि, “जबकि बच्चा अभी भी व्यापारी के कब्जे में है, हमने महिला और उसके पति को पूछताछ के लिए बुलाया है।”
आपको बता दें कि तिरवा कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई यह घटना गुरुवार को बच्चे के नाना-नानी द्वारा पुलिस से संपर्क करने और माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद सामने आई। बताया जा रहा है कि नवजात को बेचने से मिले रुपयों से दंपती ने पुरानी कार भी खरीद ली थी और इस बात की भनक दोनों ने आठ दिन तक किसी को नहीं होने दी।