भारतीय मूल के अमेरिकी मृदा वैज्ञानिक डॉ रतन लाल को कृषि क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के बराबर माने जाने वाले प्रतिष्ठित ‘विश्व खाद्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।
आपको बता दे कि उनको यह पुरुस्कार मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए दिया गया है और उनके इस कार्य से करोड़ो किसानो की मदद हुई और उनका उत्पादन बढ़ा।
माना जा रहा है कि मिट्टी की गुणवत्ता को बचाए रखने की नवीन तकनीकों को बढ़ावा देकर 50 करोड़ से अधिक छोटे किसानों की आजीविका को लाभ पहुंचाया है।
2020 के पुरस्कार घोषणा समारोह में अमेरिका के विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पेओ और अमेरिकी एग्रीकल्चर सचिव सन्नी पेरड्यू के साथ वर्ल्ड फूड प्राइज फाउंडेशन के अध्यक्ष बारबरा स्टिन्सन ने डॉक्टर रतन लाल के नाम की घोषणा की।
डॉक्टर लाल ने घोषणा के बाद कहा, मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं। यह विशेष तौर पर इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि 1987 में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ता भारतीय कृषि वैज्ञानिक डॉ एम.एस. स्वामीनाथन थे, जो भारतीय हरित क्रांति के जनक थे।