भोपाल में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकास, ग्रीन एनर्जी, शहरी विस्तार और किसानों के हितों को लेकर कई बड़ी बातें कहीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ अब देश और प्रदेश को पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और सोलर पैनल के उपयोग की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य ग्रीन एनर्जी का है और अनावश्यक रूप से कोयला जलाने की बजाय सौर ऊर्जा को प्राथमिकता देना समय की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय सनातन संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी परंपरा पूरी सृष्टि और प्रकृति को एक मानती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण और संसाधनों का संतुलित उपयोग भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है, इसलिए आज दुनिया जिस पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, उसका संदेश भारत सदियों से देता आया है।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत की वैश्विक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और आज विश्व मंच पर मजबूती से अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वच्छता को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई सोच को प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से नई दिशा दी है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार विकास और जनहित की सोच के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष को सत्ता नहीं मिलती, तो वह सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन जैसे कदमों के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश करता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भोपाल को आईटी हब और एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे। साथ ही आसपास के जिलों को जोड़कर एक बड़ा मेट्रोपॉलिटन सिटी क्षेत्र विकसित करने की योजना पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शहरी विकास को गति मिलेगी बल्कि व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

किसानों के मुद्दे पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में जहां गेहूं का भाव करीब 500 रुपये था, वहीं आज सरकार किसानों से लगभग 2600 रुपये खरीद कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार योजनाएं लागू की जा रही हैं।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और भोपाल इस परिवर्तन का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भोपाल देश के सबसे आधुनिक, स्वच्छ और विकसित शहरों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।