रिपोर्ट: नंदनी तोदी
कन्नौज: उत्तरप्रदेश में अपराध के मामलों पर रोक नहीं लग रही है, बल्कि प्रति दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। कभी आपसी रंजिश तो कभी प्रेम। एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप दंग रहे है।
दरअसल, उत्तरप्रदेश के कन्नौज में के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र अनौगी के ग्राम धुखरी का ये मामला है। एक चलाक भाभी की साजिश से एक दिव्यांग को मृत और मृत को जिन्दा बताया गया है। अब दिव्यांग शख्स खुद को जिन्दा साबित करने के लिए दर दर भटक रहा है।
खुद को जिन्दा साबित करने की चक्कर में दिव्यांग को डीएम और एसपी के सामने हाथ जोड़ना पड़ा और कहा साहब मैं जिंदा हूं पर कोई अधिकारी मान नहीं रहा है, आप मुझे जिंदा कर दीजिए। दिव्यांग का आरोप है कि साजिश के तहत उसकी ही भाभी ने कागजों पर उसे मुर्दा घोषित करा दिया है।
दिव्यांग कमलेश चंद्र ने डीएम राकेश मिश्रा और एसपी प्रशांत वर्मा को बताया कि वह कागजों में मुर्दा हो चुका है। अपने को जिंदा साबित करने के लिए हर जगह गुहार लगा रहा है। कमलेश ने बताया कि उसके भाई विमलेश का निधन चार फरवरी 2021 को हुआ था। भाभी ने अन्य लोगों की मदद से भाई के अंतिम संस्कार के बाद संपत्ति हड़पने की नियत से अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर उसे मृत दिखा दिया।
उसने बताया कि उसके बैंक खाते से जमा निकासी पर भी रोक लगवा दी है और उसे अपने हिस्से की जमीन बेचकर बनवाए गए पक्के मकान में भी रहने से मना कर दिया। कलमेश कुमार का कहना है कि पैसों के लालच में उसकी भाभी ने मृत को जिंदा और जिंदा को मृत घोषित करवा दिया।