नई दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी ने पुरुषों के अकेले सार्वजनिक जगहों पर जाने से महिलाओं को खतरा बताया है। इसे लेकर उन्होंने पाकिस्तान सरकार से मर्दों के अकेले बाहर निकलने पर बैन लगाने की मांग की है। जियो न्यूज के मुताबिक उन्होंने कहा है कि पुरुषों को अकेले भीड़ में निकलने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उनके साथ उनकी बहन, मां, पत्नी या बेटी होनी चाहिए। उन्होंने अपने इस बयान को महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित बताया है।
भुट्टो ने दी ट्वीटर पर सफाई
भुट्टो ने बयान पर सफाई देते हुए ट्विटर पर कहा कि महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ती हिंसा और छेड़खानी की घटनाओं के चलते इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जब पुरुषों के साथ कोई महिला होगी तो वह किसी महिला के साथ छेड़खानी करने से पहले ‘दो बार’ सोचेंगे। भुट्टो पहले भी सार्वजनिक जगहों पर पुरुषों के प्रतिबंध की मांग कर चुकी हैं। कुछ दिनों पहले महिला पत्रकार सबीना आगा ने ट्विटर पर शेयर करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने कराची के मजार-ए-कायद में ‘कुछ साल पहले’ मीनार-ए-पाकिस्तान जैसी घटना का सामना किया था।

महिलाओं की सुरक्षा करें महिला
मीनार-ए-पाकिस्तान की घटना पर भुट्टो ने कहा था कि सार्वजनिक जगहों पर पुरुषों को प्रतिबंधित कर देना चाहिए। उन्होंने लिखा कि, ‘पुलिस के सामने एक और भयावह घटना घटित हुई और उन्होंने मदद करने से इनकार कर दिया जबकि वे बैकअप बुला सकते थे या भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल कर सकते थे। हमें महिलाओं की सुरक्षा करने के लिए और ज्यादा महिलाओं की जरूरत है।’
महिला पर टूटी सैंकड़ों की भीड़
लाहौर पुलिस ने 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस वाले दिन शहर के ग्रेटर इकबाल पार्क में एक महिला टिकटॉकर और उसके साथियों के साथ मारपीट और चोरी के आरोप में सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। एफआईआर के हवाले से पाकिस्तानी अखबार डॉन ने बताया कि शिकायतकर्ता अपने छह साथियों के साथ स्वतंत्रता दिवस पर मीनार-ए-पाकिस्तान के पास एक वीडियो बना रही थी। तभी करीब 300-400 लोगों ने ‘उस पर हमला कर दिया।’