भोपाल, 24 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मतदाता सूची में नामों के बदलाव और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखेगी।
जीतू पटवारी ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता 28 सितंबर को भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेंगे। इसके अगले दिन 29 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम रखा गया है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में वास्तविक मतदाताओं को अपना नाम जांचने और आवश्यकता पड़ने पर सुधार या पुनः पंजीयन की प्रक्रिया का अवसर मिलना चाहिए।
पटवारी ने मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह जानना चाहती है कि सूची से हटाए गए नामों के पीछे क्या कारण रहे और कितने नाम मृत्यु, स्थानांतरण, डुप्लीकेट या अन्य कारणों से हटाए गए। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर पर संबंधित आंकड़ों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किए जाने की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक मतदाता के लिए यह जानना जरूरी है कि उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है या नहीं। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया गया है तो उसे इसका कारण पता चलना चाहिए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति या सुधार का अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं।

पटवारी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी विवाद या शिकायत की निष्पक्ष तरीके से जांच हो और जहां नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हो, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाता का भरोसा बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई मांगें सामने रखी हैं। इनमें मतदाता सूची में हटाए गए वास्तविक मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर देना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराना और दोष पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी रखी है। यह पार्टी की राजनीतिक मांग है; इस पर चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया होती है, यह अलग विषय है।
जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश में आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि मतदान, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित सभी पहलुओं में अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस आने वाले दिनों में गांव और बूथ स्तर पर मतदाता सूची की स्थिति की जानकारी जुटाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं से वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची में होने की स्थिति जांचने और जरूरत पड़ने पर नियमानुसार शिकायत दर्ज कराने में मदद करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस आगे भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपना अभियान जारी रखेगी। पार्टी की आगामी रणनीति पर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चर्चा किए जाने की बात भी कही गई है।