पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस और राजद की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान मंच से पीएम मोदी और उनकी दिवंगत माता पर अपशब्द कहे जाने के बाद पूरे बिहार में राजनीतिक बवाल मच गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश फैल गया।
29 अगस्त को पटना में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस ऑफिस के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी ऑफिस से बाहर निकल आए और दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। हाथापाई से मामला लाठी-डंडों और पत्थरबाजी तक पहुंच गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। प्रशासन ने हालात को काबू में करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया।
उधर, इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले आरोपी युवक रफीक उर्फ राजा को सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भोपुरा गांव से गिरफ्तार कर लिया। यह मामला सिमरी थाना क्षेत्र के बिठौली चौक से जुड़ा है, जहां कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान यह विवादित टिप्पणी की गई थी। घटना के तुरंत बाद सिमरी थाना में केस दर्ज किया गया और कार्रवाई शुरू हुई।
बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और राजद पर हमला बोला है। पार्टी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से माफी की मांग की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इसे 140 करोड़ भारतीयों का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणी सिर्फ उनके व्यक्तिगत सम्मान का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे देश के सम्मान से जुड़ा है।