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सीएम योगी का बड़ा संदेश- ‘अयोग्य कोई नहीं’, दिव्यांगजनों को चाहिए अवसर

गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्यांगजनों को दया नहीं, बल्कि अवसर, संसाधन, प्रशिक्षण और सहयोग की जरूरत है। उन्होंने प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान और गोरखपुर में 509 दिव्यांगजनों को 664 सहायक उपकरण दिए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सुगम सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया।

By: Nivedita 
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सीएम योगी का बड़ा संदेश- ‘अयोग्य कोई नहीं’, दिव्यांगजनों को चाहिए अवसर

गोरखपुर में 509 दिव्यांगजन को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार के 664 सहायक उपकरणों के वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान को मजबूत करते हुए उन्हें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण के शिविर आयोजित किए जाने का प्रयास है, ताकि छूटे हुए दिव्यांगजनों की पहचान हो सके और उन्हें पेंशन समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने कभी किसी व्यक्ति को अधूरा नहीं माना। ऋषियों ने कहा अयोग्यो पुरुषो नास्ति, योजकस्तत्र दुर्लभः। ऋषि अष्टावक्र, महाकवि सूरदास और संगीतकार रविंद्र जैन जैसे उदाहरण बताते हैं कि शारीरिक चुनौती प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। पैरालंपिक खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पदक मजबूत भुजाओं से नहीं, बल्कि मजबूत हौसलों से जीते जाते हैं। प्रतिभा को दया नहीं, अवसर, साधन, प्रशिक्षण और परिवार व समाज का सहयोग चाहिए। उन्होंने कहा कि 2015 में ‘विकलांग’ के स्थान पर दिव्यांग शब्द का प्रयोग केवल शब्द बदलना नहीं, बल्कि दृष्टिकोण बदलने का प्रयास था, क्योंकि जैसी दृष्टि होती है, वैसी ही सृष्टि दिखाई देती है।

घर से रोजगार तक दिव्यांगजनों के लिए सुगम रास्ता बनाना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन कल्याण विभाग उनके अधिकार, सम्मान और स्वावलंबन के लिए लगातार कार्य कर रहा है। सरकारी नौकरी में अवसर, पेंशन में वृद्धि और घर से सड़क, परिवहन, स्कूल, कॉलेज से लेकर रोजगार तक हर स्तर पर सुगम व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल, ऑडियो सूचना, टैक्टाइल पाथ और सुलभ डिजिटल सेवाएं, जबकि श्रवण बाधित लोगों के लिए साइन लैंग्वेज, कैप्शन और विजुअल अलर्ट जैसी सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता की पहचान बचपन में ही होनी चाहिए। समय पर स्क्रीनिंग, उपचार, माता-पिता को मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अर्ली इंटरवेंशन एवं डे-केयर सेंटरों का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षा को सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए उन्होंने लखनऊ और चित्रकूट के दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों का भी उल्लेख किया।

 

509 दिव्यांगजनों को 664 उपकरण, 17 लाख से अधिक की डिजिटल पहचान

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में 509 दिव्यांगजनों को 664 कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। इनमें 127 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 25 ई-ट्राइसाइकिल, 70 क्राइसाइकिल, 310 स्मार्ट केन एवं ब्रेल किट, 90 हियरिंग एड, 5 स्मार्टफोन, ब्रेल गीता, ब्रेल रामचरितमानस, वयोश्री उपकरण और पाठ्यपुस्तकें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराया गया है। वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उपकरण वितरण शिविर लगाने, छूटे हुए दिव्यांगजनों की पहचान करने तथा उन्हें पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

दिव्यांगजनों के साथ खड़ी है सरकार, शिक्षा से रोजगार तक हर स्तर पर सहयोग

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिव्यांगजनों को मुख्यमंत्री युवा, पीएम स्वनिधि, ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा, मुद्रा और स्टैंड-अप जैसी योजनाओं से जोड़कर स्वावलंबन के अवसर दिए जा रहे हैं। गोरखपुर में दृष्टिबाधित, मूक-बधिर और मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए विद्यालय, आश्रयगृह, मनोविकास केंद्र, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, छात्रावास और डे-केयर सेंटर संचालित हैं। प्रदेश की सभी 18 कमिश्नरियों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र यानी DDRC संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी सुविधाओं का विस्तार करते हुए जरूरतमंद बच्चों के इलाज पर छह लाख रुपये तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने और स्पीच थेरेपी में परिवारों को सहयोग देने की भी बात कही गई। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों से कहा केि हिम्मत मत हारिए, सरकार आपके साथ खड़ी है।

 

रिपोर्ट – अंकित श्रीवास्तव 

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