रीवा: मध्य प्रदेश में लगातार बारिश और अतिवृष्टि से बने बाढ़ के हालात के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया।मुख्यमंत्री ने रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में अतिवृष्टि और राहत-बचाव कार्यों की जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा की।सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और मेडिकल जैसी सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
गांवों और वार्डों में लगेंगे विशेष चिकित्सा शिविर
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित गांवों और नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कराने और साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर मुख्यमंत्री ने बिजली की आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश भी दिए।
किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का तत्काल सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर किसानों को आवश्यकतानुसार बीज और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।
पशुओं के लिए भी विशेष इंतजाम
मुख्यमंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में वेटनरी टीम भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि बीमार और घायल पशुओं का इलाज किया जा सके।उन्होंने मृत पशुओं के वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में महामारी फैलने नहीं दी जानी चाहिए।इसके अलावा गौशालाओं और अन्य स्थानों पर पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाढ़ से प्रभावित हर व्यक्ति और परिवार तक समय पर राहत पहुंचाई जा सके।