बुरहानपुर। जिले के धुलकोट क्षेत्र के ग्राम खातला में मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना के तहत राशन दुकान पर गेहूं पहुंचाने वाले एक वाहन को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गेहूं के कट्टों के बीच पत्थर रखकर वाहन का वजन बढ़ाने की कोशिश की गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने राशन दुकान पहुंचकर हंगामा किया और जांच की मांग की।जानकारी के मुताबिक, खातला की राशन दुकान के लिए गेहूं लेकर जा रहे अनलोडिंग आयशर वाहन का जलांद्रा स्थित तौल कांटे पर वजन कराया गया था। यहां वाहन का वजन करीब 177 क्विंटल दर्ज होने की बात सामने आई। आरोप है कि इसके बाद रास्ते में गेहूं के कट्टों के बीच रखे गए पत्थरों को वाहन से बाहर फेंक दिया गया।
बताया जा रहा है कि कथित तौर पर इस घटना को कुछ राहगीरों ने देख लिया। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी खातला राशन दुकान संचालक को दी। शिकायत के बाद वाहन को दोबारा तौल कांटे पर ले जाकर वजन कराया गया। दूसरी बार वाहन का वजन करीब 175 क्विंटल पाया गया। दोनों तौल के बीच लगभग 2 क्विंटल का अंतर सामने आने के बाद मामला ग्रामीणों के बीच पहुंच गया।इसके बाद ग्रामीण राशन दुकान पर एकत्र हुए और वाहन के खिलाफ विरोध जताते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
घटना की सूचना मिलने पर जिला खाद्य अधिकारी भूपेंद्र चोपड़ा, धुलकोट तहसीलदार दिनेश भेवंदिया, नायब तहसीलदार फिरोज खान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेते हुए वाहन का पंचनामा तैयार किया।जांच के दौरान वाहन को निंबोला थाने में पुलिस अभिरक्षा में रखवाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।जिला खाद्य अधिकारी भूपेंद्र चोपड़ा के मुताबिक, पूरे मामले की जांच के बाद रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजी जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला जांच का विषय है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि वाहन के वजन में अंतर किन परिस्थितियों में आया और गेहूं के कट्टों के बीच पत्थर रखे जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है।