जबलपुर: लगातार हो रही बारिश और बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में बढ़ती पानी की आवक के बीच बांध के 9 गेट खोल दिए गए हैं। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार को परियोजना प्रशासन ने यह कदम उठाया। बांध के गेट औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं और इनके जरिए करीब 1031 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।
420.80 मीटर पहुंचा बांध का जलस्तर
बरगी बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश होने से बांध में पानी की आवक बढ़ रही है। बीती रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बनी हुई थी। बढ़ती आवक को देखते हुए जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई है।
नर्मदा घाटों पर बढ़ सकता है जलस्तर
बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी के घाटों और तटीय क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। प्रशासन के अनुसार, कुछ इलाकों में पानी का स्तर करीब 3 से 4 फीट तक बढ़ सकता है।इसे देखते हुए नर्मदा किनारे बसे गांवों, घाटों और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी के घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
बढ़ाई गई निगरानी, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
बांध में पानी की आवक फिलहाल लगातार बनी हुई है। ऐसे में जलस्तर और आवक की स्थिति को देखते हुए बांध से पानी की निकासी को कभी भी बढ़ाया या घटाया जा सकता है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। लोगों को घाटों, नदी के किनारे और निचले इलाकों में जाने से बचने तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के तटीय इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
दिनेश चौधरी की रिपोर्ट