जबलपुर के बरगी बांध के 9 गेट खोले गए हैं। करीब 1031 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। घाटों और तटीय इलाकों में जलस्तर 3-4 फीट बढ़ने की संभावना के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
जबलपुर के बरगी बांध के 9 गेट खोले गए हैं। करीब 1031 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। घाटों और तटीय इलाकों में जलस्तर 3-4 फीट बढ़ने की संभावना के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जो इस दुर्घटना का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अब प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि घाट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोर या बचाव दल तैनात है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि इस तरह ओवरलोडेड नावों में सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ की टीम होमगार्ड और पुलिस प्रशासन की टीम लगातार कड़ी मशक्कत कर बरगी डैम में डूबे हुए क्रूज को बाहर निकाला।
29 लोगो को बचाया गया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं उम्मीद करुंगा कि टूरिज्म विभाग घटना की जांच करते हुए भविष्य में कोई ऐसी घटना न घटे इस बात का ध्यान रखे। दुखद हादसा है हमारी सभी परिवार के साथ शोक संवेदना है।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता।