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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की स्मृतियों को किया नमन

गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि श्रद्धांजलि समारोह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों संतों के योगदान को याद करते हुए सामाजिक समरसता, शिक्षा, स्वावलंबन और लोककल्याण के विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर पुस्तक रामकथा के प्रथम बलदानी जटायु का विमोचन भी किया गया।

By: Nivedita 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की स्मृतियों को किया नमन

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों महापुरुषों की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके जीवन और योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि पर उनके जीवन चरित्र का स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई और अब महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए उसी विचार और परंपरा के विस्तार का अवसर है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व प्रचारक एवं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित राम जन्म सिंह की पुस्तक रामकथा के प्रथम बलदानी जटायु का विमोचन किया।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की स्मृतियों को किया नमन

हिंदू समाज की एकता और सामाजिक समरसता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी समाज की जीवंतता इसी में है कि वह लंबे समय तक शुचिता और सकारात्मक अनुभूति के साथ आगे बढ़े और समय-समय पर आने वाली विसंगतियों और विकृतियों का परिमार्जन करने की क्षमता बनाए रखे। उन्होंने इसे हिंदू समाज की विशेषता और ताकत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज हिंदू समाज की एकता और उसके प्रखर हिंदुत्व के वेग को आगे बढ़ाने के पक्षधर थे। वहीं महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने इसी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए बिखरी हुई हिंदू शक्ति को एकजुट करने और सामाजिक समरसता का वातावरण बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए।

शिक्षा को स्वावलंबन से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थाओं के निर्माण और शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर देते थे। वहीं महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने शिक्षा के विस्तार के साथ उसे स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। बालिकाओं की शिक्षा के साथ सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल विकसित करने की सोच भी इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा थी। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था और पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। इसी भावना के साथ वर्ष 1977 में प्रताप आश्रम के निर्माण और उसके बाद अन्य छात्रावासों के निर्माण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिक्षा के विस्तार की व्यापक सोच का हिस्सा था।

 

राम जन्मभूमि आंदोलन में महंत अवेद्यनाथ की भूमिका

राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज के नेतृत्व में अयोध्या में रामलला के प्रकटीकरण का विषय आगे बढ़ा। इसके बाद राम जन्मभूमि मुक्ति के व्यापक अभियान में महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने संत समाज का नेतृत्व करते हुए अभियान को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने अपना पूरा समय और जीवन राम जन्मभूमि मुक्ति के अभियान के लिए समर्पित कर दिया। यह केवल एक अभियान का विषय नहीं था, बल्कि गुरु परंपरा से प्राप्त विचारों को समय, समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने की प्रक्रिया थी।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की स्मृतियों को किया नमन

विचारों को लोककल्याण से जोड़ना ही सच्ची श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु से प्राप्त विचारों को आगे बढ़ाना, उन्हें समाजोपयोगी बनाना और लोककल्याण के कार्यों से जोड़ना ही महापुरुषों की परंपरा है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की स्मृति केवल उन्हें याद करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके विचारों और जिन मुद्दों के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उन पर निरंतर चिंतन, चर्चा और कार्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरक्षपीठ निरंतर इसी चिंतन के साथ आगे बढ़ रही है। इन विषयों पर संवाद को आगे बढ़ाना, कार्य करना और उन्हें समाजोपयोगी रूप में लागू करना ही महापुरुषों के प्रति सच्ची कृतज्ञता है। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि समारोह में सहभागिता करने वाले संतों, विद्वानों, बुद्धिजीवियों, शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति साधुवाद और आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूज्य संतों के प्रति नमन करते हुए ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं पुण्यतिथि और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी पुण्य स्मृति को कोटिशः नमन किया और अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

रिपोर्ट – अंकित श्रीवास्तव 

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