पलेरा: गणेश महोत्सव के तहत नगर के शीतला माता मंदिर परिसर में दिव्य संगीतमय श्रीमद्भागवत एवं श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में 12 वर्षीय श्यामा लक्ष्मी किशोरी श्रीमद्भागवत कथा और 15 वर्षीय रिवी दीदी श्रीराम कथा का वाचन कर रही हैं। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच रहे हैं।
आयोजन के तीसरे दिन श्रीमद्भागवत कथा में श्यामा लक्ष्मी किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी कथाओं का वर्णन किया। उन्होंने कंस के अत्याचार, देवकी-वासुदेव के विवाह, आकाशवाणी और भगवान के अवतार से जुड़े प्रसंग श्रद्धालुओं के सामने रखे। कथावाचक ने बताया कि जब अत्याचार बढ़ा और धर्म की रक्षा की आवश्यकता हुई, तब भगवान नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। आधी रात कारागार में भगवान के दिव्य चतुर्भुज स्वरूप में प्रकट होने का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा के दौरान वासुदेव द्वारा नवजात श्रीकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा स्थल पर कृष्ण जन्म का दृश्य प्रस्तुत होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह छा गया। पंडाल में ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजने लगे। भक्तों ने भजनों पर नृत्य किया और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया।

रात्रि में श्रीराम कथा का आयोजन हुआ। रिवी दीदी ने भगवान श्रीराम के प्राकट्य से लेकर उनकी बाल लीलाओं और विश्वामित्र के साथ वन गमन के प्रसंगों का वर्णन किया। कथा में ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की कथा भी श्रद्धालुओं को सुनाई गई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की कथा जीवन में श्रद्धा, संयम और परिवार के प्रति कर्तव्य का संदेश देती है। माता-पिता के प्रति सम्मान, भाई-प्रेम और मर्यादित आचरण को जीवन में अपनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
श्रीराम कथा के दौरान अहिल्या उद्धार का प्रसंग विशेष रूप से बताया गया। कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से अहिल्या का उद्धार हुआ। इस प्रसंग के माध्यम से भगवान की करुणा और भक्त के प्रति उनकी कृपा का संदेश दिया गया। धार्मिक आयोजन के दौरान कथा, भजन और भक्ति के माहौल में श्रद्धालु देर तक मौजूद रहे। शीतला माता मंदिर परिसर में चल रहे इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह बना हुआ है।