जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि 65 से अधिक पर्यटक बागेश्वर के ऊंचे इलाकों में फंस गए हैं, जिनमें कफनी में 20, द्वाली ग्लेशियर में 34 और सुंदरधुंगा में 10 लोग शामिल हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि 65 से अधिक पर्यटक बागेश्वर के ऊंचे इलाकों में फंस गए हैं, जिनमें कफनी में 20, द्वाली ग्लेशियर में 34 और सुंदरधुंगा में 10 लोग शामिल हैं।
कर्मभूमि और जन्मभूमि के बीच फंसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने गुरुवार को कहा कि वह पार्टी नेतृत्व से उन्हें पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध करेंगे क्योंकि वह अपने प्रयासों को अपने गृह राज्य उत्तराखंड के लिए समर्पित करना चाहते हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होने मीडिया से बात करते हुऐ बताया कि आपदा में अब तक 64 लोगों की मौत हुई है, और 11 लोग अभी भी लापता हैं। इन लोगों की तलाश ज़ोरो शोरों से की जा रही है, और हालात भी तेजी से सामान्य हो रहे हैं।
मौसम के साफ होते ही उतराखंड में अब चारधाम यात्रा शुरु हो गई है। केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए गुरुवार को भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बता दें कि मौसम साफ होने के बाद अब धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही है। वहीं बदरीनाथ हाईवे गुरुवार को चौथे दिन सुबह दस बजे छोटे वाहनों को लिए खोल दिया गया है। बता दें कि राज्यभर में
एसडीआरएफ के डीआईजी रिधिम अग्रवाल ने बताया कि 8 ट्रेकर्स, 1 कुक और 2 गाइड सहित 11 सदस्यीय समूह 14 अक्टूबर को उत्तराखंड के हर्षिल से हिमाचल प्रदेश के छठकुल के लिये रवाना हुऐ थे लेकिन 17 अक्टूबर को मौसम खराब होने के बाद उनका संपर्क टूट गया। अधिकारी ने कहा कि उनमें से पांच के शव देखे गए हैं। हमारी टीम जीवित बचे लोगों की तलाश कर रही है।“
उत्तराखंड में 17 से 19 अक्तूबर तक बारिश ने जमकर कहर बरपाया है, जिसमें अभी तक 62 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आपको बता दें कि गुरुवार को बागेश्वर जिले की सुंदरढूंगा घाटी में चार पर्यटकों की मौत की खबर मिली है।
पिछले कई दिनो से उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से चारधाम यात्रा बंद की गई थी, पर मौसम खुलने के बाद यात्रा फिर से शुरु कर दी गई। हालांकि बदरीनाथ हाईवे तीसरे दिन भी सुचारू नहीं हो पाया है। बुधवार को भी दिनभर हाईवे को खोलने का काम जारी रहा, लेकिन बदरीनाथ हाईवे को गौचर से विष्णुप्रयाग तक ही सुचारू किया जा सका है। जबकि विष्णुप्रयाग से बैनाकुली तक
उत्तराखंड मे पिछले कुछ दिन से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ऑफिशियल रिकार्ड के अनुसार अब तक 52 लोगो कि मौत हो चुकी है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लोगों के पास खाने तक को कुछ नहीं बचा है। सड़कों का बुरा हाल है। सड़कें, सड़कें न रह कर स्विमिंग पूल
उतराखंड में आज गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया है, जहां देहरादून जिले के चकराता में स्थित त्यूनी क्षेत्र में एक कार खाई में गिर गई। आपको बता दें कि ये हादसा गुरुवार को तड़के बानपुर रोड पर हुआ है। जानकारी के मुताबिक इस कार में एक ही परिवार के पांच लोग सवार थे, और वो अपने किसी नीजी काम से जा रहे थे।
उतराखंड के नैनीताल में पिछले कई दिनों से भारी बारिश के कारण बड़ा नुकसान हुआ है, जिसमें कई लोगों की जान गई है। बता दें कि नैनीताल में एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमे बरसाती पानी के तेज बहाव की भेंट मोटर साईकल चालक का शव पुलिस को मिला है। आपको बता दें कि मृतक होटल में काम करता था, जो डयुटी के बाद अपने घर जा रहा था और रपटे
आए दिन महिला के साथ दुष्कर्म के मामले देखने को मिल रहें, अब तो दुष्कर्म और ब्लैकमेल के नए नए तरीके आरोपियों ने ढूंढ निकाले हैं। ज्यादातर ऐसी घटनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहें हैं। सोशल मीडिया से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आते रहते है, जिसमें लड़की या लड़के को सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती की। फिर उसके कई फोटोज और वीडियो मंगवाएं। फिर उन फोटोज और
उत्तराखंड में पिछले कई दिनो से लगातार बारिश हो रही है, जिस कारण आम लोगों का जीना मुहाल है। बारिश के कारण हुई भूस्खलन ने कई लोगों की जान ले ली। मिली जानकारी के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में 47 लोगों की मौत हुई है।
पिछले दो दिन से भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई हुई है। मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। वैसे राहत की बात ये है कि अब मौसम खुल गया है, लेकिन जो बारिश की वजह से जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई को काफी समय लगेगा। आपको बता दें कि बारिश की वजह से प्रदेशभर में पिछले तीन दिनों में 46 लोगों की
पिछले कई दिनो से उतराखंड़ में भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते चार धाम यात्रा बंद कर दी गई थी। लेकिन मौसम के ठीक होते ही एक बार फिर चारधाम यात्रा को सुचारु रुप से शुरु कर दिया गया है। बता दें कि बुधवार से केदारनाथ धाम यात्रा भी शुरू हो गई है। हालांकि बदरीनाथ हाईवे बंद होने के कारण फिलहाल बदरीनाथ यात्रा शुरू नहीं हो सकी है।
मीडिया को संबोधित करते हुए, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि,"अब तक हमें जानकारी मिली है कि 34 लोगों की जान चली गई है और पांच अभी भी लापता हैं। मृतक व्यक्तियों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है। का मुआवजा क्षतिग्रस्त हुए घरों के मालिकों को 1.09 लाख रुपये और 95,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, जिन परिवारों के घर