रिपोर्ट:पायल जोशी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होने मीडिया से बात करते हुऐ बताया कि आपदा में अब तक 64 लोगों की मौत हुई है, और 11 लोग अभी भी लापता हैं। इन लोगों की तलाश ज़ोरो शोरों से की जा रही है, और हालात भी तेजी से सामान्य हो रहे हैं।
अमित शाह ने बताया की भारत सरकार की ओर से 24 घंटे पहले ही चेतावनी मिल गई थी जिस वजह से आपदा से कम नुकसान हुआ है। बता दें कि अलर्ट के चलते हमने पहले ही तैयारी कर ली थी। उन्होंने कहा है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने काफी सूझबूझ से काम किया। गृहमंत्री ने कहा है कि उत्तराखंड में आपदा की स्थिति में केंद्र और राज्य सरकार की सभी एजेंसियां अलर्ट हो गई थी, जिस के चलते सेना, एनडीआरएफ, आइटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस समय रहते राहत के काम में जुट गए थे, जिस वजह से सरकार 3500 लोगों को रेस्क्यू करने में सफल रही। गृहमंत्री ने कहा है कि नैनीताल, हल्द्वानी और अल्मोड़ा की तीन सड़कों को छोड़कर बाकी सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू कर दी गई है।
उन्होने ये भी कहा है कि कुछ स्थानों पर सड़कें 25 मीटर से ज्यादा टूट गई थीं, और उन्हें ठीक करने में कुछ वक्त लग सकता है। उन्होने आपदा प्रबंधन की तरफ से पहले ही 250 करोड़ रुपए दिए हैं, और कहा है कि केंद्र सरकार राज्य को पूरी मदद करेगी। बता दें कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान उनके साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और मुख्य सचिव एसएस संधू भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में एनडीआरएफ की 17, एसडीआरएफ की 7 टीमें, पीएसी की 15 कम्पनी और पुलिस के 5000 से ज्यादा जवान राहत के काम में लगाए गए हैं।